राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर भव्य समारोह, तीन वीर चक्र विजेताओं ने भी अर्पित की पुष्पांजलि
नई दिल्ली, 27 अक्तूबर 2025, संपादन राम प्रकाश वत्स

भारतीय सेना ने सोमवार को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, नई दिल्ली में 79वां इन्फैंट्री दिवस -जिसे शौर्य दिवस के रूप में भी जाना जाता है – बड़े हर्ष और गर्व के साथ मनाया। इस अवसर पर थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने राष्ट्र की सेवा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले पैदल सैनिकों को अमर चक्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

समारोह में वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, सेवारत सैनिक, पूर्व सैनिक एवं वीर परिवारजन उपस्थित रहे। तीन वीर चक्र विजेताओं — मेजर (से.नि.) आशीष सोनल, सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) कुंवर सिंह, और लांस नायक (से.नि.) अमृत — ने भी इन्फैंट्री के दिग्गजों की ओर से पुष्पांजलि अर्पित की। इन वीरों ने क्रमशः ऑपरेशन पवन (1990), ऑपरेशन मेघदूत (1989) और ऑपरेशन कैक्टस लिली (1971) में अद्वितीय साहस का प्रदर्शन किया था।

इन्फैंट्री दिवस के उपलक्ष्य में देशभर में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। लखनऊ में फील्ड मार्शल के. एम. करियप्पा स्मृति संगोष्ठी, दिल्ली छावनी में वीर नारियों का सम्मान समारोह तथा शौर्यवीर दौड़ जैसी गतिविधियाँ इस अवसर को और भी गौरवशाली बना गईं। इसी क्रम में, इन्फैंट्री की बहुआयामी क्षमताओं और वीर गाथाओं पर आधारित “इन्फैंट्री पत्रिका” का भी विमोचन किया गया।
हर वर्ष 27 अक्तूबर को मनाया जाने वाला यह दिवस भारतीय सैन्य इतिहास की उस गौरवगाथा को याद दिलाता है, जब 1947 में भारतीय सेना के पहले इन्फैंट्रीमैन श्रीनगर हवाई अड्डे पर उतरे थे और उन्होंने पाकिस्तान समर्थित कबायली आक्रमण को नाकाम करते हुए भारत की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा की थी।यह दिन भारतीय सैनिकों के अटूट समर्पण, साहस और देशभक्ति की अनमोल विरासत को नमन करने का प्रतीक बन चुका है।

