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झूठी गारंटरियां देने पर सुक्खू को लगा देवताओं का श्राप , मानसिक स्थिति हुई अस्थिर: राजेंद्र राणा

RamParkash Vats
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पत्नी को जिताने के लिए कांगड़ा बैंक का पैसा लुटाया, घोटालों पर डाला पर्दा, सरकारी खर्चे से अपनी जमीन पर बने ढंगे*

हमीरपुर(शिमला), 25 अक्टूबर: स्टेट चीफ ब्यूरो विजय समयाल

हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता और सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि “देवभूमि हिमाचल के देवताओं का श्राप मुख्यमंत्री को लग गया है क्योंकि उन्होंने जनता को झूठी गारंटरियां देकर छल किया है।”शनिवार को सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र की बैरी पंचायत में सुजानपुर व बमसन टौणी देवी भाजपा मंडल द्वारा आयोजित युवा मोर्चा सम्मेलन में राजेंद्र राणा ने जनसभा को संबोधित करते तीखा प्रहार किया कहा की मुख्यमंत्री की मानसिक स्थिति अब संतुलित नहीं रही, और यही कारण है कि वे अब विपक्षी विधायकों और उनके निर्वाचन क्षेत्रों की जनता पर बेहूदा टिप्पणियां करने लगे हैं।

राजेंद्र राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री उस विधानसभा क्षेत्र की जनता को “बेईमान” बता रहे हैं जहां से विपक्ष का विधायक जनता ने चुनकर भेजा, जबकि सत्ता पक्ष के क्षेत्रों की जनता को “ईमानदारी का प्रमाणपत्र” बांटा जा रहा है।उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री बनने के बाद अब जनता की ईमानदारी तय करने का ठेका भी उन्होंने ले लिया है?

पत्नी को जिताने के लिए बैंक का पैसा लुटाया

राणा का आरोप*राणा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने अपनी पत्नी को चुनाव में जीत दिलाने के लिए कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक का धन खुले हाथों से महिला मंडलों पर खर्च किया, ताकि सरकारी तंत्र का फायदा निजी राजनीतिक स्वार्थों के लिए उठाया जा सके।उन्होंने कहा कि यह कार्यवाही खुद में भ्रष्टाचार का उदाहरण है, और मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि क्या यह ईमानदारी की श्रेणी में आता है।भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री ने न केवल इस मामले को दबाया, बल्कि कांगड़ा बैंक और बघाट बैंक घोटालों पर भी पर्दा डालने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “जब मुख्यमंत्री के अधीन संस्थान ही गड़बड़ियों से भरे हों, तो जनता उनसे कैसी पारदर्शिता की उम्मीद रखे?”

सरकारी खर्चे से अपनी जमीन पर बने ढंगे – गंभीर आरोप

राणा ने आगे आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने अपनी निजी जमीन पर सरकारी धन से ढंगे (रिटेनिंग वॉल) बनवा लिए, जो स्पष्ट रूप से सत्ता के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है।उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “अगर यह ईमानदारी है, तो फिर भ्रष्टाचार की परिभाषा बदल देनी चाहिए।”

वीरभद्र सिंह का बयान भी याद दिलाया

पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री सुक्खू को घेरते हुए कहा कि प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय वीरभद्र सिंह ने स्वयं कहा था कि “सुखविंदर सिंह सुक्खू सबसे बड़ा ब्लैकमेलर नेता है और अगर इसके हाथ में प्रदेश की कमान आई तो हिमाचल का बेड़ा गर्क हो जाएगा।”राणा ने कहा कि आज वीरभद्र सिंह की वह बात सच साबित हो रही है, क्योंकि जिस तरह प्रदेश में झूठे वादे, कर्ज़ और भ्रष्टाचार बढ़ा है, उससे सरकार की नीयत साफ झलकती है।

जनता की ईमानदारी पर सवाल उठाना शर्मनाक

राजेंद्र राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह बयान न केवल विपक्ष का अपमान है, बल्कि जनता के मताधिकार का भी अपमान है।उन्होंने कहा कि जनता के जनादेश को “बेईमानी” कह देना लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री की झूठी गारंटरियां अब जनता के गले नहीं उतर रहीं, और यही वजह है कि देवभूमि के देवता भी उनसे रुष्ट हैं।

राजेंद्र राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जब वह एनएसयूआई और प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष थे तब गाड़ी के इंजन और पुर्जे बेचने का कारनामा किसने अंजाम दिया था।राजेंद्र राणा ने कहा कि जनता सब कुछ देख और समझ रही है। आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश की जनता मुख्यमंत्री सुक्खू और उनकी सरकार को झूठ, भ्रष्टाचार और अहंकार का जवाब देगी।

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