Reading: बीड-बिलिंग राष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग स्कूल पर क्यों लटका है ताला: जयराम ठाकुर

बीड-बिलिंग राष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग स्कूल पर क्यों लटका है ताला: जयराम ठाकुर

RamParkash Vats
3 Min Read
— पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष,जयराम ठाकुर

बीड-बिलिंग राष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग स्कूल पर क्यों लटका है ताला: जयराम ठाकुर

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत पूर्व सरकार द्वारा 8 करोड़ रुपये की लागत से इस स्कूल का निर्माण किया गया था और इसका उद्घाटन 25 जनवरी 2025 को हुआ था। मगर आज तक इसका संचालन शुरू नहीं हो सका है।जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को प्रकृति ने पैराग्लाइडिंग के लिए अद्भुत परिस्थितियाँ प्रदान की हैं, लेकिन राज्य सरकार इस अवसर का उपयोग करने में विफल रही है। उन्होंने मांग की कि राष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग स्कूल को अंतरराष्ट्रीय मानकों और नियमों के अनुरूप संचालित किया जाए, ताकि यहाँ प्रशिक्षित पायलटों के लाइसेंस को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिले।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बीड-बिलिंग विश्व में क्रॉस-कंट्री पैराग्लाइडिंग के सबसे सुरक्षित स्थलों में से एक है और इसे अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा के अनुरूप संस्थागत समर्थन की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि हिमाचल में अभी तक न तो राज्यस्तरीय महासंघ बना है और न ही अंतरराष्ट्रीय पायलट प्रवीणता सूचना लाइसेंस (IPPI) जारी करने के लिए अधिकृत निकाय की स्थापना हुई है, जिससे भारत में पैराग्लाइडिंग पायलटों के प्रशिक्षण और लाइसेंसिंग पर रोक लगी हुई है।जयराम ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय वायु खेल दिशानिर्देश (NASG-2023) लागू होने के बाद अब इस खेल के नियमन का ढाँचा मौजूद है। यदि सरकार इन्हीं दिशानिर्देशों के अनुरूप कार्य करे तो बीड-बिलिंग का यह स्कूल न केवल सैकड़ों युवाओं को प्रशिक्षित कर सकता है बल्कि निजी क्षेत्र के लिए भी नए अवसर खोलेगा।

उन्होंने सुझाव दिया कि एयरो क्लब ऑफ इंडिया (ACI) और हिमाचल सरकार के बीच तत्काल समन्वय स्थापित किया जाए, जिससे स्थानीय प्रशिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की मान्यता प्राप्त हो सके।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि स्कूल के सुचारू संचालन से प्रदेश को करोड़ों रुपये का राजस्व मिलेगा, हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, और प्रदेश की पर्यटन अर्थव्यवस्था को नया बल मिलेगा। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण शुल्क और उपकरणों की बिक्री पर जीएसटी से राज्य को अतिरिक्त आय होगी।उन्होंने कहा, “सरकार को चाहिए कि इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार इसे शीघ्र चालू करे ताकि हिमाचल प्रदेश पैराग्लाइडिंग के वैश्विक मानचित्र पर अपनी प्रतिष्ठा और सशक्त उपस्थिति दर्ज करा सके।”

Share This Article
Leave a comment
error: Content is protected !!