लखनऊ, 22 अगस्त 2025 स्टेट चीफ़ ब्यूरो अनुज कुमार जैन
अनिल सहनी ने बुधवार को अपने पुराने राजनीतिक ठिकाने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ले ली है — यह कदम 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले RJD के लिए चौंकाने वाला माना जा रहा है।
अनिल सहनी, जो मूल रूप से मुजफ्फरपुर जिले की कुरहनी सीट से विधायक रह चुके हैं, उन्होंने इस निर्णय को काफी जल्दी लिया। उन्होंने RJD के प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल को इस्तीफा भेजा और पटना में BJP की सदस्यता ग्रहण कर ली।उनका RJD छोड़ने का कारण कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में पिछड़ा वर्ग के नेताओं की उपेक्षा और पार्टी में बढ़ती गुटबाजी के रूप में सामने आया है। सहनी ने कहा है कि उन्हें पार्टी द्वारा आगामी चुनाव के लिए तैयार स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल किया गया था, लेकिन टिकट वितरण एवं संगठनात्मक निर्णयों में उन्हें किनारे किए जाने का अनुभव हुआ।
एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि सहनी पर 2012 में उनके सांसद रहते हुए अवकाश-यात्रा भत्ता (LTC) के लिए फर्जी एयर टिकट जमा करने का आरोप था, जिस पर दिल्ली की CBI कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराया था और इसके चलते उन्हें विधानसभा सदस्यता से भी अयोग्य करार दिया गया था।उनकी भाजपा में शामिल होने को भाजपा द्वारा बिहार में ‘ए वेटेड’ यानी अत्यंत पिछड़े वर्ग (EBC) के वोट बैंक को साधने की रणनीति के तहत देखा जा रहा है, विशेष रूप से उनकी जातीय पृष्ठभूमि और इलाके (मुजफ्फरपुर) को ध्यान में रखते हुए।
इस तरह, RJD के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है — क्योंकि सहनी को पार्टी ने स्टार प्रचारकों में शामिल किया था, और उनकी विदाई से पार्टी के रणनीतिक समीकरणों में बदल — ढलाव का संकेत मिलता है। इसके साथ ही, इस घटना ने बिहार की आगामी चुनावी राजनीति को नया मोड़ दिया है जहाँ गठबंधन-रणनीति, जातीय समीकरण और नेताओं की बदलती प्राथमिकताएं अहम भूमिका निभा रही हैं।

