शिमला, 19 अक्तूबर 2025/ न्यूज़ इंडिया आज तक कार्यालय सूत्र
भारत–चीन सीमा पर रणनीतिक महत्व को देखते हुए अब हिमाचल प्रदेश में तैनात सैनिकों को चीनी भाषा (मंदारिन) का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह पहल भारतीय सेना और रक्षा मंत्रालय के संयुक्त कार्यक्रम के तहत शुरू की जा रही है। उद्देश्य यह है कि सीमा क्षेत्र में तैनात जवान न केवल चीन की गतिविधियों को बेहतर समझ सकें, बल्कि आपात स्थिति में संवाद स्थापित करने में भी सक्षम हों।
सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक चरण में किन्नौर, लाहौल–स्पीति और कुल्लू जिलों में तैनात सैनिकों को यह भाषा सिखाई जाएगी। प्रशिक्षण के लिए विशेषज्ञ भाषा प्रशिक्षकों की टीम बनाई जा रही है, जिनमें विश्वविद्यालयों के चीनी भाषा विभागों के अध्यापक भी शामिल होंगे। इसके अलावा ऑनलाइन भाषा प्रयोगशालाएँ और विशेष मोबाइल ऐप भी तैयार किए जा रहे हैं, ताकि सैनिक नियमित अभ्यास कर सकें।
सेना अधिकारियों का कहना है कि यह पहल “सीमा संवाद क्षमता” बढ़ाने और खुफिया सूचनाओं की व्याख्या में मददगार साबित होगी। चीनी भाषा का ज्ञान भविष्य में राजनयिक वार्ताओं और स्थानीय व्यापारिक समझ के लिए भी उपयोगी रहेगा।
राज्य सरकार ने इस कार्यक्रम का स्वागत करते हुए कहा है कि यह हिमाचल जैसे सीमावर्ती प्रदेश के लिए गौरव की बात है, जहाँ के जवान देश की रक्षा के साथ अब भाषा और रणनीति में भी निपुण होंगे।यह कदम न केवल सुरक्षा दृष्टि से अहम है, बल्कि भारत की बौद्धिक और सांस्कृतिक तैयारी का भी प्रतीक माना जा रहा है।

