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आवारा कुत्तों का आतंक: सरकारी प्रयास नाकाम, ग्रामीणों में दहशत बरकरार

RamParkash Vats
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शिमला/13/10/2025/चीफ़ ब्यूरो विजय समयाल: उपमंडल गोहर के नैहरा स्थित गणई पंचायत में आवारा और पागल कुत्तों का आतंक चरम पर है। सोमवार को एक पागल कुत्ते ने चैलचौक सब्जी मंडी के पास करीब दर्जनभर से अधिक अन्य कुत्तों पर हमला कर दिया, जिससे 14 कुत्तों की मौत हो गई। यह घटना क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर गई है।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि हमलावर कुत्ता अब भी इलाके में घूम रहा है और किसी भी समय इंसानों या मवेशियों पर हमला कर सकता है। ग्रामीणों — संजीव कुमार, नरेश कुमार, दिनेश कुमार, महेंद्र सिंह, संतराम, प्रेम सिंह, मनोज कुमार और नेत्र सिंह — ने बताया कि इस तरह की भयावह घटना पहली बार सामने आई है।

गांवों में लोग अब अपने बच्चों को बाहर खेलने नहीं भेज रहे हैं और मवेशियों को खुले में छोड़ने से भी डर रहे हैं। लोगों ने पशु चिकित्सा विभाग गोहर और स्थानीय प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है कि पागल कुत्ते को पकड़कर रैस्क्यू किया जाए।

इस बीच, एस.डी.एम. गोहर बचित्र सिंह ठाकुर ने बताया कि मामला उनके ध्यान में आया है और संबंधित विभाग को नियमानुसार कार्रवाई के आदेश दिए जा चुके हैं।

हालांकि, यह घटना एक बार फिर यह सवाल उठाती है कि सरकार और प्रशासन के अब तक के सभी प्रयास आवारा कुत्तों के आतंक को काबू करने में क्यों विफल साबित हुए हैं। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में कुत्तों की बढ़ती संख्या लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है।

स्थानीय लोग कहते हैं, “सरकार केवल योजनाएं बनाती है, ज़मीनी स्तर पर अमल नहीं होता। जब तक ठोस रैस्क्यू व्यवस्था और बंध्याकरण अभियान नहीं चलाए जाते, तब तक यह समस्या खत्म नहीं होगी।”

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