सीतापुर/25/05/2026/ Reporter बिन्दू मौर्या
सीतापुर जिले में यह बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति बनती जा रही है कि एक ओर सरकार “एक पेड़ माँ के नाम” जैसे अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बचाने का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर जिले में खुलेआम हरे-भरे और फलदार आम के पेड़ों पर इलेक्ट्रॉनिक आरा चलाया जा रहा है। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच पेड़ों की कटाई लोगों की चिंता और बढ़ा रही है।
हाल ही में कोतवाली देहात क्षेत्र अढवल गांव में कथित रूप से रसूखदार लकड़ी माफिया रिंकू द्वारा फलदार आम के पेड़ों को कटवाने का मामला चर्चा में रहा। इससे पहले ग्राम सरैया माफी के सामने स्थित बाग में फलदार आम के पेड़ काटे जाने की घटना सामने आई थी, वहीं अब ताजा मामला बिसवां के रामलीला मेला मैदान के निकट एक विशालकाय हरे पेड़ की कटाई का है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से पुलिस व वन विभाग की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े होने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार हरियाली को नष्ट करने में लकड़ी माफियाओं के साथ कुछ विभागीय मिलीभगत की भी चर्चा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब अवैध कटान की सूचना पुलिस और वन विभाग को दी जाती है तो संबंधित विभाग परमिट जारी होने का हवाला देकर कार्यवाही से बचते नजर आते हैं। यही कारण है कि जनपद में लकड़ी माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी मौके पर कोई जिम्मेदार कर्मचारी नहीं पहुंचता। जब इस संबंध में क्षेत्रीय वन दरोगा से संवाद किया जाता है तो वह परमिट का हवाला देकर मामले को टालते नजर आते हैं। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी व्याप्त है और लोग विभागीय कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर द्वारा ऐसे मामलों को गंभीरता से संज्ञान लेते हुए सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं और कई स्थानों पर कार्यवाही भी देखने को मिली है, लेकिन इसके बावजूद अवैध कटान का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा।
जब उत्तर भारत भीषण गर्मी की चपेट में है और बाँदा देश के सबसे गर्म स्थानों में शामिल हो चुका है, तब पेड़ों की कटाई पर्यावरण के लिए गंभीर खतरे का संकेत मानी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह हरियाली खत्म होती रही तो आने वाले समय में हालात और भयावह हो सकते हैं। इसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ेगा और बढ़ती गर्मी, जल संकट तथा प्रदूषण जैसी समस्याएं और विकराल रूप ले सकती हैं। लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से अवैध कटान पर सख्त कार्यवाही करने तथा हरियाली बचाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

