शिमला/12/10/2025/राज्य चीफ़ ब्यूरो विजय समयाल
एक अत्यंत दुखदायी और झकझोर देने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। थाना बरोटीवाला के अंतर्गत बटेढ़ गांव में 14 वर्षीय बच्चे की अलमारी के नीचे दबने से दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए गहरा सदमा है, बल्कि सभी अभिभावकों के लिए एक चेतावनी भी है कि घर में रखे भारी फर्नीचर और अलमारियों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही कितनी भयावह साबित हो सकती है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, बटेढ़ गांव में एक परिवार किराये के मकान में रह रहा था। परिवार के दोनों सदस्य — पिता हरजिंदर और माता — स्थानीय कंपनी में कार्यरत हैं। घटना उस समय घटी जब दोनों काम पर थे और 14 वर्षीय मोहित चौधरी घर पर अकेला था।
शाम को जब पिता हरजिंदर ड्यूटी से लौटे, तो उन्होंने देखा कि कमरे का दरवाज़ा अंदर से बंद है। शंका होने पर किसी तरह दरवाज़ा खोला गया, तो सामने का दृश्य भयावह था — उनका बेटा मोहित अलमारी के नीचे दबा पड़ा था। आनन-फानन में बच्चे को झाड़माजरी के निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।घटना की सूचना मिलते ही बरोटीवाला पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की। पुलिस ने आवश्यक बयान दर्ज कर आगामी कार्रवाई आरंभ कर दी है। मृतक बच्चा एक निजी स्कूल में पढ़ता था और अपने माता-पिता की आंखों का तारा था।
यह दर्दनाक हादसा समाज के हर घर के लिए एक गंभीर चेतावनी है — घरों में रखी बड़ी अलमारियां, फ्रिज, या अन्य भारी फर्नीचर यदि दीवार से सही तरीके से नहीं टिके हों या असंतुलित हों, तो वे किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
विशेषज्ञ भी सलाह देते हैं कि बच्चों वाले घरों में भारी वस्तुओं को दीवार से कसकर फिक्स करना चाहिए ताकि ऐसी त्रासद घटनाओं को रोका जा सके।मोहित की असमय मौत ने न केवल उसके परिवार को बल्कि पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है। यह घटना हर अभिभावक को यह सोचने पर मजबूर करती है कि कभी-कभी घर की मामूली लापरवाही भी कितनी बड़ी त्रासदी का रूप ले सकती है।यह घटना एक पीड़ादायक सबक है — सुरक्षा में लापरवाही, मासूम की जान ले सकती है।

