News India Aaj Tak Main Office Bharmad, Editor Ram Prakash Vats
हिमाचल प्रदेश की गतका टीम ने इस बार दिल्ली में आयोजित 9वीं नेशनल गतका चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन किया है। परंपरागत सिख मार्शल आर्ट “गतका” में हिमाचल के खिलाड़ियों ने अपने उत्साह, अनुशासन और मेहनत से यह सिद्ध कर दिया कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती।
इस प्रतियोगिता में देशभर के 21 राज्यों के खिलाड़ी शामिल हुए, जिनमें हिमाचल की टीम ने 6 कांस्य पदक जीतकर अपने साहस और निपुणता का परिचय दिया।
🎖 खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन
अंडर-14 आयु वर्ग की लड़कियों की डेमो टीम ने बेहतरीन तालमेल और आत्मविश्वास का प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीता। टीम मेंमन्नत दीप कौर, आंचल जैन, टेकरूप कौर, हरनूर कौर, रहाओ कौर, पुनीत कौर, गुरसाखी कौर, प्रथम कौर और रिदम प्रीत कौर शामिल थीं।वहीं, अंडर-11 इंडिविजुअल डेमो वर्ग में जपजी कौर ने और इंडिविजुअल सिंगल सोठी में संजम कौर ने कांस्य पदक हासिल कर हिमाचल की बेटियों का मान बढ़ाया।
लड़कों के वर्ग में भी प्रदर्शन कम प्रेरक नहीं रहा। अंडर-14 सिंगल सोठी टीम — सहजप्रीत सिंह, हरमन सिंह, गुरवंश सिंह, हरप्रीत सिंह — ने भी कांस्य पदक जीता। इसी वर्ग में इंडिविजुअल फरी सोठी में एकमप्रीत सिंह और इंडिविजुअल सिंगल सोठी में सहजप्रीत सिंह ने व्यक्तिगत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
गतका एसोसिएशन का गौरव
गतका एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष शुभकरण सिंह ने बताया कि इस बार राज्य से 39 खिलाड़ियों ने अलग-अलग वर्गों में भाग लिया। उन्होंने कहा कि यह परिणाम हिमाचल के युवाओं के बढ़ते रुझान और समर्पण को दर्शाता है। गतका न केवल एक खेल है, बल्कि यह आत्मरक्षा, अनुशासन और आत्मविश्वास का भी प्रतीक है।
🌟 प्रोत्साहन और भविष्य की दिशा
इन खिलाड़ियों की उपलब्धियाँ यह संदेश देती हैं कि अगर जज़्बा और मेहनत हो तो हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चमक सकते हैं। आवश्यक है कि सरकार और खेल विभाग ऐसे पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहन दें, ताकि ग्रामीण और छोटे कस्बों के प्रतिभावान खिलाड़ी भी अपनी जगह बना सकें।
🏅✨हिमाचल की गतका टीम ने न केवल पदक जीते हैं, बल्कि उन्होंने खेल भावना, अनुशासन और टीमवर्क की मिसाल भी पेश की है। यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी — कि सीमित संसाधनों के बावजूद “अगर मन में विश्वास हो, तो हर वार विजय का वार बन सकता है।”

