:आज, 8 अक्टूबर 2025, चीफ़ ब्यूरो विजय समयाल
जिला कांगड़ा की आपदा संगीत मंडली ने फतेहपुर के परोबड़ चौक में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में संगीत और तीन लघु नाटिकाओं के ज़रिये आग, सांप के काटने तथा भूकंप/प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा के व्यावहारिक उपाय लोगों तक पहुँचाए गए। मंचन की शैली लोक-संगीत और नाट्य-रूपक का समन्वय थी, जिससे ग्रामीण और शहरी दर्शक दोनों ही आसानी से संदेश समझ सके।कार्यक्रम का स्वरूपमंडली ने तीन अलग-अलग लघु नाटक प्रस्तुत किए
प्रत्येक नाटक 10–15 मिनट का था और वास्तविक जीवन के सरल, लागू किए जाने योग्य कदम दिखाता था। नाटिकाओं के बीच समाचार-शैली में छोटे-छोटे गीत और पुलिस/स्वास्थ्य सेवाओं के परिचय-संदेश दिए गए ताकि दर्शक जानकार संस्थानों से संपर्क करना भी सीखें। प्रदर्शन के बाद कलाकारों ने दर्शकों के सवालों का जवाब भी दिया और पोस्टर/फ्लायर्स बाटे गए।—
आग से बचाव — तीन सरल कदम (नाटक में दर्शाया गया)नाटक में आग-रोकथाम के तीन मुख्य, व्यवहारिक कदम ज़ोर देकर दिखाए गए — जिन्हें आप घर और सार्वजनिक स्थानों पर तुरंत लागू कर सकते हैं:1. जोखिम घटाएँ (प्रिवेंशन): चूल्हे/गैस चेक करें, बिजली के ढीले तार/ओवरलोड किए हुए सॉकेट न रखें, बच्चे और सूखी सामग्री (कागज़, कपड़े) स्टोव/हीटर से दूर रखें। (NDMA के गृह-और फायर-सुरक्षा दिशानिर्देशों के अनुरूप)। 2. तत्काल बचाव (इवैकुएशन): आग लगने पर पहले धुआँ खतरनाक होता है — ज़मीन के पास झुककर बाहर निकलें, मास्क/गमछा से नाक-मुँह ढकें, इमारत में असुरक्षित मार्ग न लें; यदि संभव हो तो फ़ोन से आपातकाल (फायर ब्रिगेड) को सूचना दें। (। 3. छोटे आग को नियंत्रित करना: छोटे तेल/किचन-अग्नि को ढक कर दम कर दें (ढक्कन/गीला कपड़ा), बिजली के कारण आग में पानी न डालें — विद्युत आग के लिए आग बुझाने वाले (CO₂/फोम/ड्राई-केमिकल) का उपयोग करें और स्वयं जोखिम न लें।
सांप के काटने पर क्या करें — नाटक में सुझाए गए कदमनाटक ने भय कम करने और सही प्राथमिक उपचार पर ज़ोर दिया — घबराहट से किये जाने वाले कई खतरनाक कदम (कटना, चुसना, टॉर्नीकट) न करें। नाटक में दर्शाया गया निर्देश सारांश:
पहला कदम: पीड़ित को तुरंत खतरे से दूर ले जाएँ और शांत रखें; सक्रिय रूप से भागवाना/दौड़ाना वर्जित है क्योंकि इससे जहर पूरे शरीर में फैल सकता है।
दूसरा कदम: काटे हुए हिस्से के ऊपर की कोई अंगूठी/कड़ा निकाल दें और शांत अवस्था में आराम कराएँ; कट/छेद करके जहर निकालने, चुसने या टॉर्नीकट लगाने से बचें।
तीसरा कदम: जितनी जल्दी हो सके नज़दीकी अस्पताल/अपात्कालीन सेवा तक पहुँचाएँ — एंटी-वीनम तथा चिकित्सा देखरेख आवश्यक है।
भूकंप व प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा — नाटक में सिखाए गए व्यवहारनाटक के माध्यम से लोग घर, स्कूल व सार्वजनिक स्थानों पर अपनाने योग्य कदमों से परिचित हुए:पहले से तैयारी (Before): घर की संरचना की कमजोरियों की पहचान करें; भारी सामान को ऊँची जगह पर सुरक्षित रखें; इमरजेंसी किट (पानी, दवा, टॉर्च, बैटरी, महत्वपूर्ण दस्तावेज) तैयार रखें। भूकंप के दौरान (During): अगर अंदर हों — कठिन चीजों के नीचे (टेबल के नीचे) छिपें, खिड़कियों से दूर रहें; बाहर हों — खुले स्थान में रहें, इमारत/दीवार/बड़े पेड़ों से दूर जाएँ। इमारत से बाहर निकलते समय सीढ़ियों/लिफ्ट का उपयोग न करें।
संगीत मंडली का यह प्रयास—लोकप्रिय संगीत, नाट्य रूपक और साधारण भाषा का उपयोग—लोकल समुदाय में व्यवहारिक जानकारी पहुँचाने का प्रभावी उदाहरण रहा। मंचन-आधारित अभियान विशेषकर गांवों में असरदार साबित होते हैं क्योंकि वे डर घटाते और सही व्यवहार सिखाते हैं।

