विशेष अभियान 5.0 का उद्देश्य स्क्रैप निपटान से राजस्व उत्पन्न करना है, ई-कचरा प्रबंधन, स्थान अनुकूलन और लंबित संदर्भों और लोक शिकायतों के समय पर निपटान, ई-फाइल समीक्षा के अलावा स्वच्छता अभियान पर

ध्यान केंद्रित किया जाएगा। 105 अमृत भारत स्टेशनों सहित सभी प्रमुख स्टेशनों पर अमृत संवाद का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जन जागरूकता बढ़ाने के लिए अपशिष्ट से धन और नागरिक-केंद्रित पहलों पर जोर दिया जाएगा।
नई दिल्ली, 1 अक्टूबर 2025,Editing Ram Prakash Vats
रेल मंत्रालय में विशेष अभियान 5.0 के सफल क्रियान्वयन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। यह अभियान सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता और सुशासन को संस्थागत बनाने की दिशा में एक व्यापक पहल है, जिसकी शुरुआत 2 अक्टूबर 2025 से की जाएगी। अभियान पूरे भारतीय रेलवे नेटवर्क पर लागू होगा।
आज रेलवे बोर्ड कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्च-स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सतीश कुमार ने की। बैठक में सभी क्षेत्रीय रेलवे महाप्रबंधक, उत्पादन इकाइयों के प्रमुख, आरडीएसओ, प्रशिक्षण संस्थानों, विभिन्न पीएसयू के एमडी/सीएमडी तथा रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में अध्यक्ष ने सभी स्तरों पर सक्रिय भागीदारी और व्यक्तिगत निगरानी की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने महाप्रबंधकों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान की गतिविधियों का स्वयं निरीक्षण करें और सुनिश्चित करें कि लक्ष्य समयबद्ध तरीके से पूरे हों।
विशेष अभियान 5.0 के अंतर्गत निम्नलिखित मुख्य लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं:
स्क्रैप निपटान से राजस्व अर्जन
ई-कचरा प्रबंधन एवं स्थान का अधिकतम उपयोग
ई-फाइलों की समीक्षा और निराकरण
लंबित संदर्भों व जन शिकायतों का समय पर निपटान
अपशिष्ट से धन (Waste to Wealth) पहल
साथ ही, जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए “अमृत संवाद” कार्यक्रम सभी प्रमुख स्टेशनों पर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें 105 अमृत भारत स्टेशन भी शामिल होंगे।रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अभियान की गतिविधियों और उपलब्धियों को सोशल मीडिया, स्थानीय समाचार माध्यमों और प्रेस विज्ञप्तियों के माध्यम से व्यापक स्तर पर साझा किया जाएगा।रेलवे ने संकल्प दोहराया कि विशेष अभियान 5.0 को न केवल सफल बनाया जाएगा, बल्कि इसे एक मॉडल पहल के रूप में लागू किया जाएगा, ताकि अन्य सरकारी विभाग भी इससे प्रेरणा ले सकें।

