शिमला 26/09/2025, राज्य चीफ़ ब्यूरो विजय समयाल
प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में लोगों की सुविधा के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत अक्टूबर 2023 से हर महीने के अंतिम दो दिन तहसील और उप-तहसील स्तर पर राजस्व लोक अदालतों का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य वर्षों से लंबित राजस्व मामलों का शीघ्र और सरल निपटारा करना है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2023 से अगस्त 2025 तक 4,33,242 से अधिक मामलों का समाधान किया जा चुका है। इनमें 3,60,105 इंतकाल, 22,592 तकसीम, 39,835 निशानदेही और 10,710 रिकॉर्ड सुधार के मामले शामिल हैं।
जनता को समय और धन की बचत
राजस्व लोक अदालतों के आयोजन से लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं रही। अब वे अपने नजदीकी तहसील या उप-तहसील स्तर पर ही मामलों का निपटारा करा सकते हैं। इससे न केवल समय बल्कि खर्च में भी बड़ी बचत हो रही है। प्रदेश सरकार के अनुसार, यह पहली बार है जब किसी राज्य ने इतने बड़े पैमाने पर मिशन मोड में राजस्व मामलों को हल करने की पहल की है। जनता से इस व्यवस्था को व्यापक सहयोग मिल रहा है और लोग उत्साहपूर्वक लाभ उठा रहे हैं।
पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट किया कि सुशासन ही अच्छे प्रशासन की नींव है। सरकार का प्रयास है कि लोगों को सरकारी सेवाएं उनके घर के पास उपलब्ध हों और वे बिना किसी परेशानी के अपने मामलों का समाधान पा सकें। इसके लिए राजस्व विभाग में आवश्यक सुधार किए गए हैं ताकि कार्यप्रणाली अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी हो सके। इस पहल से न केवल प्रशासन की विश्वसनीयता बढ़ी है बल्कि आम जनता को भी बेहतर सेवाएं उपलब्ध होने लगी हैं

