शिमला, 21 सितंबर 2025 , राज्य चीफ़ ब्यूरो विजय समयाल:
शिमला नेशनल हाईवे पांच पर सनवारा टोल पर हाईकोर्ट के आदेश के बाद टोल वसूली बंद कर दी गई है। शनिवार को टोल बैरियर (बूम) हटा दिए गए, जिससे वाहन चालकों को फ्री आवाजाही का लाभ मिला। इससे पहले सभी वाहनों को इस टोल प्लाज़ा पर शुल्क देना पड़ता था, जबकि सड़क की खराब स्थिति के चलते लोग उचित सेवा नहीं पा रहे थे।जानकारी के अनुसार, इस हाईवे पर वर्ष 2021 से टोल वसूली की जा रही थी। टोल देने के बावजूद हाईवे की फोरलेन स्थिति अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं थी।
पहले चरण में परवाणू से सोलन तक बनी फोरलेन की स्थिति गंभीर रूप से खराब है, और चक्कीमोड़ में सड़क पिछले दो वर्षों से सुधर नहीं पाई है। मानसून के दौरान पहाड़ियों में दरारें उत्पन्न हो जाती हैं, जिससे वाहन चालकों का सफर जोखिम भरा हो जाता है।रोजाना इस मार्ग से लगभग 12 से 15 हजार वाहन गुजरते हैं, और टोल से लाखों रुपये एकत्र किए जाते हैं। हालांकि, सड़क की खराब स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि मेंटेनेंस उचित रूप से नहीं किया गया।
हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के बाद टोल वसूली 30 अक्टूबर तक रोकने का आदेश दिया। साथ ही, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को निर्देश दिया गया है कि सड़क की स्थिति सुधारने के लिए तत्काल कार्यवाही करे।पूर्व अनुभव: 2023 में भी बरसात के दौरान उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने टोल वसूली बंद करवाई थी। उस समय चक्कीमोड़ की सड़क पूरी तरह ढह चुकी थी।
पंचायत प्रतिनिधिमंडलों ने उपायुक्त से अनुरोध किया कि जब सड़क की हालत दुरुस्त नहीं है, तब टोल वसूली करना उचित नहीं है। इसके बाद तत्काल टोल वसूली पर रोक लगा दी गई थी।इस फैसले से वाहन चालक राहत महसूस कर रहे हैं और स्थानीय लोग सड़क की मरम्मत कार्य की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

