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मुद्दा गंभीर और चिंताजनक है 👉लोक निर्माण विभाग जवाली और बूहल खड्ड का मामला

RamParkash Vats
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सिद्धपुर घाड़ पंचायत में स्थित भरमाड़ से सिद्धपुर की ओर जाने वाले पुल के पास बार-बार खड्डा (गड्ढा) बन जाता है।यह खड्डा पुल के आरंभिक हिस्से में, पानी के तेज बहाव के कारण बार-बार पैदा होता है।विभाग हर बार केवल मिट्टी डालकर इसे अस्थायी रूप से भर देता है।

    यह खड्डा अधिकतर रात के समय वाहन चालकों और पैदल चलने वालों के लिए जानलेवा स्थिति पैदा कर देता है।सौभाग्य से अब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन हर बार लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ती है।खड्डा इतना बड़ा और गहरा हो जाता है कि अगर कोई वाहन या व्यक्ति इसमें फंस जाए तो गंभीर दुर्घटना तय है।

      खड्डा बार-बार क्यों बनता है?

      इस स्थान पर नाले और खड्ड का पानी आपस में टकराता है।ज़मीन की सतह (धरातल) खोखली और कमजोर है।हर बार बारिश और बाढ़ का पानी दबाव डालकर सतह को तोड़ देता है और नया खड्डा बना देता है।

      लोक निर्माण विभाग (PWD) केवल मिट्टी डालकर अस्थायी रूप से मरम्मत करता है।यह कार्यप्रणाली बिल्कुल नाकाफी है और सुरक्षा की दृष्टि से बेहद लापरवाह मानी जाती है।विभाग को चाहिए था कि इस खड्डे को स्थाई रूप से मजबूत संरचना (कंक्रीट, पक्की दीवार या वैज्ञानिक भराई) से ठीक करे

      17 सितंबर 2025 की रात आई बाढ़ ने इस खड्डे को फिर से उसी खतरनाक स्थिति में पहुंचा दिया।बरसात के मौसम में इस स्थान पर 4–5 बार खड्डा बनना आम बात हो गई है।

        स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है।असल में यह स्थिति पहली बार गलती, दूसरी बार लापरवाही, और तीसरी-चौथी बार जानबूझकर की गई अनदेखी की श्रेणी में आती है।लोग मांग कर रहे हैं कि इसका स्थाई समाधान किया जाए।विभाग को जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, मजबूती से इस खड्डे को भरना और पानी की निकासी का स्थाई प्रबंध करना चाहिए।


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