Bharmad 08/09/2025/News India Aaj Tak Office: Editor Ram Prakash Vats
मुख्य समस्या

सिद्धपुर घाड़ पंचायत में स्थित भरमाड़ से सिद्धपुर की ओर जाने वाले पुल के पास बार-बार खड्डा (गड्ढा) बन जाता है।यह खड्डा पुल के आरंभिक हिस्से में, पानी के तेज बहाव के कारण बार-बार पैदा होता है।विभाग हर बार केवल मिट्टी डालकर इसे अस्थायी रूप से भर देता है।
खतरा और जोखिम

यह खड्डा अधिकतर रात के समय वाहन चालकों और पैदल चलने वालों के लिए जानलेवा स्थिति पैदा कर देता है।सौभाग्य से अब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन हर बार लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ती है।खड्डा इतना बड़ा और गहरा हो जाता है कि अगर कोई वाहन या व्यक्ति इसमें फंस जाए तो गंभीर दुर्घटना तय है।

खड्डा बार-बार क्यों बनता है?
इस स्थान पर नाले और खड्ड का पानी आपस में टकराता है।ज़मीन की सतह (धरातल) खोखली और कमजोर है।हर बार बारिश और बाढ़ का पानी दबाव डालकर सतह को तोड़ देता है और नया खड्डा बना देता है।

विभाग की कार्रवाई
लोक निर्माण विभाग (PWD) केवल मिट्टी डालकर अस्थायी रूप से मरम्मत करता है।यह कार्यप्रणाली बिल्कुल नाकाफी है और सुरक्षा की दृष्टि से बेहद लापरवाह मानी जाती है।विभाग को चाहिए था कि इस खड्डे को स्थाई रूप से मजबूत संरचना (कंक्रीट, पक्की दीवार या वैज्ञानिक भराई) से ठीक करे।

हाल की घटना
17 सितंबर 2025 की रात आई बाढ़ ने इस खड्डे को फिर से उसी खतरनाक स्थिति में पहुंचा दिया।बरसात के मौसम में इस स्थान पर 4–5 बार खड्डा बनना आम बात हो गई है।
जनता की नाराज़गी और मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है।असल में यह स्थिति पहली बार गलती, दूसरी बार लापरवाही, और तीसरी-चौथी बार जानबूझकर की गई अनदेखी की श्रेणी में आती है।लोग मांग कर रहे हैं कि इसका स्थाई समाधान किया जाए।विभाग को जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, मजबूती से इस खड्डे को भरना और पानी की निकासी का स्थाई प्रबंध करना चाहिए।
यह पूरा मामला विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाता है। अब सवाल यह है कि कब तक विभाग मिट्टी डालकर अपना पल्ला झाड़ता रहेगा और जनता को भगवान के भरोसे छोड़ता रहेगा?

