शिमला:राज्य चीफ़ ब्यूरो विजय समयाल
शिमला सोमवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सत्र में कई अहम मुद्दे उठाए गए, जिन पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और मंत्रिमंडल के सदस्यों ने सदन को विस्तृत जानकारी दी।
करुणामूलक नौकरियों पर चर्चा
नगरोटा बगवां से कांग्रेस विधायक रघुवीर सिंह बाली ने करुणामूलक नौकरियों की आय सीमा को लेकर सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में प्रति व्यक्ति आय सीमा 62,500 रुपये तय है और परिवार की कुल आय सीमा तीन लाख रुपये रखी गई है। विधायक ने आग्रह किया कि तीन लाख रुपये की सीमा पूरे परिवार के लिए मान्य होनी चाहिए।मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि सरकार इस संशोधन पर गंभीरता से विचार कर रही है और उचित समाधान निकाला जाएगा।
जोगिंद्रनगर के चालक का मामला
भाजपा विधायक प्रकाश राणा ने अपने क्षेत्र के एक चालक के लापता होने का मुद्दा उठाया। चालक चंडीगढ़ में ओला-उबर चलाने गया था और 27 अगस्त से उसका कोई पता नहीं है। वाहन का भी सुराग नहीं मिला।इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमाचल पुलिस के डीजीपी ने पंजाब पुलिस के डीजीपी से संपर्क साधा है और दोनों राज्यों की पुलिस इस मामले पर मिलकर काम कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जैसे ही कोई ठोस जानकारी मिलेगी, सदन को अवगत कराया जाएगा।
पंजाब से अवैध क्रशरों का मुद्दा
फतेहपुर से कांग्रेस विधायक भवानी सिंह ने पंजाब की ओर से चल रहे गैर-कानूनी क्रशरों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इनसे शाहनहर बैराज को नुकसान पहुंचने का खतरा है। यदि बैराज को क्षति हुई तो अमृतसर तक गंभीर हालात पैदा हो सकते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि पंजाब सरकार से सीधे बातचीत की जाए या अदालत का दरवाजा खटखटाया जाए।
सरकार का जवाब
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने माना कि पंजाब के कई क्रशर अवैध माइनिंग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले पैमाइश का काम शुरू हुआ था लेकिन बीच में रुक गया। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले में सरकार सख्त कार्रवाई करेगी और अवैध गतिविधियों को रोका जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं पर राहत
सत्र के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि एम्स बिलासपुर में बड़ी सर्जरी दोबारा शुरू होंगी। हिमाचल सरकार ने इसके लिए हिमकेयर के तहत 10 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इससे मरीजों को बड़े स्तर पर राहत मिलने की उम्मीद है।

