Reading: संपादकीय मंथन और चिंतन :शिमला सुंदरता से संकट की ओर, शिमला की मौजूदा स्थिति केवल एक पर्यावरणीय चुनौती नहीं, बल्कि एक गंभीर चेतावनी है।

संपादकीय मंथन और चिंतन :शिमला सुंदरता से संकट की ओर, शिमला की मौजूदा स्थिति केवल एक पर्यावरणीय चुनौती नहीं, बल्कि एक गंभीर चेतावनी है।

RamParkash Vats
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शिमला के पर्यावरणीय संतुलन को सबसे गहरा आघात पेड़ों की कटाई ने दिया है। देवदार और चीड़ जैसे वृक्ष केवल हरियाली का प्रतीक नहीं थे, बल्कि मिट्टी और चट्टानों को थामे रखने वाली जीवनरेखा थे। आज जब इनकी पकड़ ढीली पड़ रही है, तो बड़े-बड़े वृक्ष भी भूस्खलन में जड़ से उखड़ रहे हैं। यह दृश्य किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को अंदर तक झकझोर सकता है।

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