
किसान मोर्चा सचिव रविता भारद्वाज
शिमला 31 जुलाई 2025 चीफ़ ब्यूरो विजय समयाल
सरकार पर राजनीतिक हमलों का दौर तेज़ होता जा रहा है। प्रदेश किसान मोर्चा की सचिव रविता भारद्वाज ने एक तीखा बयान जारी करते हुए सरकार पर जनविरोधी नीतियों और विकास विरोधी रवैये का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि चुनाव पूर्व किए गए वादों को निभाना तो दूर, सरकार ने जनता पर अतिरिक्त बोझ डालकर धोखे की राजनीति की मिसाल पेश की है।रविता भारद्वाज ने आरोप लगाया कि 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा करके सत्ता में आई कांग्रेस सरकार ने न केवल इस वादे को पूरा करने में असफलता दिखाई, बल्कि घरेलू उपभोक्ताओं पर कमर्शियल टैरिफ थोपकर आर्थिक बोझ बढ़ा दिया। उन्होंने कहा कि यह कदम सीधे तौर पर आम जनता के साथ अन्याय है। साथ ही सरकार ने पूर्व भाजपा सरकार की हिम केयर योजना को भी बंद कर जनता की स्वास्थ्य सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। यह योजना गरीब परिवारों के लिए वरदान थी, जिसमें ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज संभव था।बैजनाथ क्षेत्र की स्थिति पर चिंता प्रकट करते हुए भारद्वाज ने कहा कि मुख्य क्षेत्रीय अस्पताल खुद बीमार है। छत टपक रही है, महिला मंडल भवन जर्जर हालत में है, और चड़िहार अस्पताल में सिर्फ 2-3 स्टाफ सदस्य कार्यरत हैं, जबकि वहां 12 पद स्वीकृत हैं। अस्पतालों में मशीनें तो हैं, मगर उन्हें चलाने वाला कोई विशेषज्ञ नहीं है। यह स्वास्थ्य तंत्र की बदहाली को दर्शाता है।रविता भारद्वाज ने रोजगार और महिलाओं से किए वादों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि अब तक कितनी महिलाओं को ₹1500 की मासिक सहायता मिली? किसानों से दो रुपये प्रति किलो गोबर खरीदने की योजना सिर्फ काग़ज़ों तक सीमित रही। वहीं, रोजगार देने की बजाय सरकार ने बैजनाथ के कुठार, थाथी और धरेड जैसे दुर्गम क्षेत्रों के स्कूलों को बंद कर दिया। प्रदेशभर में 202 प्राथमिक विद्यालयों को बंद करना शिक्षा विरोधी कदम है।उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों को नगर पंचायतों के अंतर्गत लाकर सरकार ने ग्रामीण हितों पर सीधा प्रहार किया है। अंततः रविता भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश की जनता सब देख रही है और आने वाले समय में मौजूदा सरकार को करारा जवाब देगी।यह बयान न सिर्फ सरकार की योजनाओं पर सवाल खड़े करता है, बल्कि आगामी चुनावों में प्रदेश की राजनीति को एक नई दिशा देने की भूमिका में भी दिखाई देता है।


