पंचायत प्रधान ने विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, जेई बोले- मशीनरी की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी

ज्वाली से विशेष रिपोर्टज्वाली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सिद्धपुर-घाड़ के अंतर्गत बटुआ ट्यूबवेल की खस्ताहालत के चलते ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत के वार्ड नंबर 1, 7, 8 और 9 में लोगों को तीसरे दिन पानी की सप्लाई मिल रही है। इससे ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी जुटाने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। ट्यूबवेल की मशीनरी खराब होने और पेयजल व्यवस्था में कई खामियां सामने आने के बाद पंचायत प्रतिनिधियों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।पंचायत प्रधान निर्मल सिंह पठानिया ने मौके पर पहुंचकर ट्यूबवेल और पेयजल व्यवस्था का निरीक्षण किया।

उन्होंने बताया कि इस ट्यूबवेल से करीब 15 किलोमीटर क्षेत्र में पानी की आपूर्ति की जाती है, लेकिन इसकी मशीनरी और अन्य व्यवस्थाएं बेहद खराब हालत में हैं। ट्यूबवेल का स्टार्टर, एम्पियर मीटर, वोल्टेज मीटर और कैपेसिटर खराब पड़े हैं। पानी लिफ्ट करने वाले पंप भी सही ढंग से काम नहीं कर रहे हैं। इसके चलते पानी का बड़ा हिस्सा पंप हाउस के अंदर ही व्यर्थ बह रहा है। बिजली की केबल भी जगह-जगह से टूटी हुई है। प्रधान ने कहा कि जब पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था इतनी खराब है तो ग्रामीणों को नियमित पानी उपलब्ध करवाने के लिए विभाग को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।निरीक्षण के दौरान ओवरहेड टैंक में भी कई खामियां सामने आईं। प्रधान के अनुसार, टैंक कई जगह से लीक हो रहा है तथा पाइप डालने के लिए बनाया गया छेद खुला पड़ा है। इससे छोटे पक्षियों और छिपकली जैसे जीवों के टैंक में प्रवेश करने की आशंका बनी हुई है। इसके अलावा पुराना भूमिगत टैंक भी बंद होने के बावजूद बिना ढक्कन के खुला पड़ा है। प्रधान ने कहा कि इन खामियों से पेयजल की स्वच्छता और लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। खुले टैंक और खराब मशीनरी के कारण किसी अनहोनी की स्थिति पैदा होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। उन्होंने विभाग से जल्द से जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग उठाई।इस संबंध में जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता निर्मल सिंह ने बताया कि ट्यूबवेल की मशीनरी और अन्य उपकरणों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। टेंडर अवार्ड होते ही इस ट्यूबवेल को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करवाया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि करीब एक महीने के भीतर टेंडर अवार्ड हो सकता है। वहीं, पंचायत प्रधान निर्मल सिंह पठानिया ने बताया कि वह अपने निजी खर्चे से अब तक पंचायतवासियों को पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए करीब 18 पानी के टैंक दे चुके हैं, जिन पर लगभग 20 हजार रुपये खर्च हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि पंचायत में पानी की समस्या बनी रहती है तो वह टैंकरों के माध्यम से भी लोगों तक पानी पहुंचाने का प्रयास करेंगे। पंचायत उपप्रधान तिलक राज शास्त्री ने भी ट्यूबवेल की खराब हालत पर चिंता जताते हुए कहा कि विभागीय अधिकारियों से बातचीत कर जल्द से जल्द इसकी मरम्मत करवाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को तीसरे दिन के बजाय प्रतिदिन पेयजल उपलब्ध हो सके। ग्रामीणों को अब विभागीय कार्रवाई और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है।

