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कुल्लू दशहरा 2026: देवताओं के नजराने में 5% और बजंतरियों के मानदेय में 10% बढ़ोतरी, विकास कार्यों के लिए करोड़ों की घोषणाएं

RamParkash Vats
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने देव संस्कृति के संरक्षण के साथ सड़क, सीवरेज, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने का किया ऐलान; अदरक का समर्थन मूल्य 40 रुपये करने और आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर भी दिया जोर

कुल्लू में अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव-2026 के समापन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने देव संस्कृति के संरक्षण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और जिले में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने देवी-देवताओं के नजराने में 5 प्रतिशत तथा बजंतरियों के मानदेय में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी करने का ऐलान किया। इसके अतिरिक्त देवताओं के मुख्य गूर को 1,100 रुपये की सम्मान राशि देने और कुल्लू कार्निवाल में भाग लेने वाले प्रत्येक महिला मंडल को 35 हजार रुपये प्रदान करने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने बजौरा स्कूल में विज्ञान भवन के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये देने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की देव संस्कृति और लोक परंपराएं राज्य की विशिष्ट पहचान हैं तथा इनके संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। कुल्लू दशहरा में विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले देवी-देवताओं, देवलुओं, बजंतरियों और स्थानीय सांस्कृतिक दलों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में नजराने और मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा देव परंपराओं से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुख्यमंत्री ने जिले में सड़क, बिजली, सीवरेज और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने से जुड़ी घोषणाएं भी कीं। उपलब्ध विवरण के अनुसार, कुल्लू जिले के लेफ्ट बैंक क्षेत्र को जोड़ने के लिए लगभग पांच करोड़ रुपये, मणिकर्ण सड़क के निर्माण के लिए अतिरिक्त पांच करोड़ रुपये, भुंतर में सीवरेज प्रणाली के लिए 22 करोड़ रुपये तथा विद्युत कमांड-बारा मार्ग के लिए 50 लाख रुपये की राशि घोषित की गई। भुंतर में विद्युत सब-डिवीजन खोलने की घोषणा भी की गई। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और स्थानीय लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध करवाना है। हालांकि, परियोजनाओं की स्वीकृति, बजट आवंटन, निर्माण की समयसीमा और क्रियान्वयन की स्थिति संबंधित विभागों की आधिकारिक जानकारी से स्पष्ट होगी।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों को राहत देने पर जोर, कुल्लू जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति का आश्वासन: मुख्यमंत्री ने ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से अदरक का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 40 रुपये प्रति किलोग्राम करने की घोषणा से जुड़े प्रावधानों का उल्लेख किया। कृषि और बागवानी हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के प्रमुख साधन हैं। ऐसे में कृषि उत्पादों के बेहतर मूल्य की व्यवस्था किसानों के आर्थिक हितों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। हालांकि, नए समर्थन मूल्य की प्रभावी तारीख, पात्रता और खरीद संबंधी नियमों की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में मुख्यमंत्री ने कुल्लू जिला अस्पताल को मजबूत करने का आश्वासन दिया। उन्होंने विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति तथा आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने की बात कही। इससे जिले के दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार उपलब्ध करवाने में सहायता मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023 की आपदा का उल्लेख करते हुए कुल्लू जिले में हुए नुकसान और प्रभावित परिवारों के सामने आई चुनौतियों पर भी बात की। उन्होंने आपदा के दौरान स्थानीय लोगों द्वारा पर्यटकों की सहायता किए जाने की सराहना की। उपलब्ध विवरण के अनुसार, आपदा प्रभावित परिवारों के लिए गृह निर्माण सहायता राशि को 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये करने का प्रावधान बताया गया। इस सहायता का वास्तविक लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए पुनर्वास प्रक्रिया, स्वीकृति और भुगतान की स्थिति महत्वपूर्ण रहेगी। आपदा के बाद घरों का पुनर्निर्माण, रोजगार की बहाली और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी चुनौती रहती है। ऐसे में सरकार की घोषणाओं का प्रभाव उनके समयबद्ध क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।

लालड़ी नृत्य, अंतरराष्ट्रीय कलाकारों और कुल्लू कार्निवाल ने बढ़ाई दशहरा उत्सव की रौनक, रघुनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने की सुख-समृद्धि की कामना: अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव की छठी सांस्कृतिक संध्या में मुख्यमंत्री ने रथ मैदान में पारंपरिक लालड़ी नृत्य का शुभारंभ किया और इसमें भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान लेजर शो, ड्रोन शो तथा ग्लोबल डांस जैसी प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों में इंडोनेशिया, उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, अमेरिका, थाईलैंड, मलेशिया, मिस्र, श्रीलंका और नेपाल के कलाकारों ने भाग लिया, जबकि भारतीय सांस्कृतिक दलों ने भी अपनी पारंपरिक कला का प्रदर्शन किया। सांस्कृतिक संध्या के अंतिम दिन सूफी गायक डॉ. सतिंदर सरताज की प्रस्तुति ने दर्शकों का मनोरंजन किया। मुख्यमंत्री ने कुल्लू कार्निवाल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसमें 600 से अधिक महिलाओं और कलाकारों ने भाग लिया। आयोजन के दौरान महिला मंडलों की भागीदारी, स्थानीय लोक कला और सामुदायिक सहयोग को विशेष महत्व दिया गया। सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में भुट्टी वीवर्स सांस्कृतिक दल को प्रथम, सूत्रधार कला संगम को द्वितीय और युवा कला मंच को तृतीय पुरस्कार प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई। इस अवसर पर विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने आयोजन में सहयोग देने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और अन्य लोगों का आभार व्यक्त किया, जबकि विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने मुख्यमंत्री का कुल्लू आगमन पर स्वागत किया। उत्सव के धार्मिक पक्ष के तहत मुख्यमंत्री ने रघुनाथ मंदिर में शीश नवाया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि तथा शांति की कामना की। उन्होंने कुल्लू दशहरा को हिमाचल की समृद्ध देव संस्कृति, धार्मिक आस्था और सदियों पुरानी विरासत का प्रतीक बताया। इस प्रकार अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव-2026 में धार्मिक परंपराओं, लोक संस्कृति, ग्रामीण विकास और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े विषय प्रमुखता से सामने आए। घोषित योजनाओं और परियोजनाओं का वास्तविक प्रभाव उनके क्रियान्वयन तथा निर्धारित लाभों के पात्र लोगों तक पहुंचने के बाद स्पष्ट होगा।

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