महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और निष्पक्ष कार्रवाई का मुद्दा उठाया; भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन में लिया हिस्सा

इंदौरा/नूरपुर। भारतीय जनता पार्टी जिला नूरपुर की ओर से आज इंदौरा बस स्टैंड पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी एवं कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह प्रदर्शन जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में छात्राओं से संबंधित यौन उत्पीड़न के आरोपों के मामले और विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के संदर्भ में किया गया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान तथा ऐसे मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन में नूरपुर के भाजपा विधायक रणबीर सिंह निक्का, इंदौरा की पूर्व विधायक रीता धीमान, भाजपा जिला प्रभारी सुरेश चंदेल तथा जिला सह-प्रभारी विनय शर्मा सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस प्रकरण को लेकर अपना विरोध जताते हुए कहा कि महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

महिलाओं की सुरक्षा और जवाबदेही का मुद्दा उठाया
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में संबंधित संस्थानों को संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए और शिकायतों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार का पक्षपात नहीं होना चाहिए तथा तथ्यों के आधार पर उचित कदम उठाए जाने चाहिए।भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस मामले को लेकर कांग्रेस नेतृत्व की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि महिलाओं की सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
राजनीतिक माहौल में गरमाया मुद्दा
इंदौरा बस स्टैंड पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से भाजपा जिला नूरपुर ने जेएनयू प्रकरण को लेकर अपना राजनीतिक और सार्वजनिक विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं ने महिलाओं के सम्मान तथा सुरक्षा से जुड़े मामलों में जवाबदेही की आवश्यकता पर जोर दिया।हालांकि, मामले से संबंधित आरोपों, विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई और संबंधित नेताओं की भूमिका के बारे में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक तथ्यों तथा संबंधित पक्षों के बयानों को ध्यान में रखना आवश्यक है।

