
नूरपुर से विनय महाजन। विद्युत पेंशनर फोरम नूरपुर इकाई की मासिक बैठक मंगलवार को विद्युत विश्राम गृह बौढ़ में इकाई के प्रधान मान सिंह धीमान की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में पेंशनरों से जुड़े विभिन्न लंबित वित्तीय एवं सेवा संबंधी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से मांगें उठाए जाने के बावजूद कई वित्तीय देनदारियों का भुगतान नहीं हो पाया है, जिससे पेंशनरों में नाराजगी बढ़ रही है।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि 1 जनवरी 2016 से 31 मार्च 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए विद्युत पेंशनरों को संशोधित वेतनमान के आधार पर रिवाइज्ड ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट और कम्यूटेशन का भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है। फोरम का कहना है कि इन देनदारियों के लंबित रहने से संबंधित पेंशनरों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार और विद्युत बोर्ड प्रबंधन से लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग की।पेंशनरों ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों का महंगाई भत्ता (डीए) भी लंबित है। बैठक में मांग उठाई गई कि दीपावली से पहले सरकार कम से कम 12 प्रतिशत महंगाई भत्ते का भुगतान करे। फोरम पदाधिकारियों ने कहा कि त्योहारों के समय कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक राहत मिलनी चाहिए तथा सरकार को उनकी लंबित वित्तीय देनदारियों के निपटारे की दिशा में तत्काल कदम उठाने चाहिए।
बैठक में विद्युत बोर्ड में ठेकेदारों के माध्यम से की जा रही भर्तियों का भी विरोध किया गया। फोरम पदाधिकारियों ने कहा कि विद्युत बोर्ड में बड़ी संख्या में स्वीकृत पद रिक्त पड़े हैं और इन पदों को नियमित प्रक्रिया के तहत स्थायी नियुक्तियों से भरा जाना चाहिए। फोरम ने सरकार से मांग की कि बोर्ड की आवश्यकताओं और कर्मचारियों की कमी को देखते हुए रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।वक्ताओं ने विद्युत बोर्ड में पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के भविष्य की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार को इस मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। फोरम ने कहा कि पेंशनरों की समस्याओं का समाधान बातचीत और सकारात्मक पहल के माध्यम से किया जाना चाहिए।
बैठक में पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और विद्युत बोर्ड प्रबंधन ने लंबित वित्तीय देनदारियों, महंगाई भत्ते तथा अन्य मांगों को लेकर शीघ्र ठोस निर्णय नहीं लिया, तो फोरम को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि पेंशनरों की मांगों को लगातार नजरअंदाज करना उचित नहीं होगा और सरकार को समय रहते समाधान निकालना चाहिए।इस अवसर पर विद्युत पेंशनर फोरम नूरपुर इकाई के सचिव अरुण सहोत्रा सहित इकाई के विभिन्न पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। बैठक में पेंशनरों की समस्याओं को लेकर आगामी रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया।

