नूरपुर पूर्व प्रशासनिक अधिकारी अकिल बख्शी द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल आज चौथे दिन में प्रवेश कर गई हैl उन्होंने कहा कि हमारी मुख्य मांगें यह है
1. मातृ-शिशु अस्पताल नूरपुर को जल्द से जल्द जनता को समर्पित किया जाए।
2. रणजीत बख्शी जनकल्याण सभा, जो समाजसेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, को रोगी कल्याण समिति में शामिल किया जाए।*

नूरपुर लंबे समय से बंद पड़े नूरपुर के बहुचर्चित मातृ-शिशु अस्पताल को जल्द शुरू करवाने की मांग को लेकर रंजीत बख्शी जनकल्याण फाउंडेशन के निदेशक अकिल बख्शी की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल सोमवार को चौथे दिन में प्रवेश कर गई। सोमवार को बड़ी संख्या में आज उनके समर्थक शिवानी बक्शी की शिरकत में सिविल अस्पताल नूरपुर परिसर में पहुंचे और जमकर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारे बाजी की । इस दौरान लोगों ने अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) से सवाल-जवाब करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।

समर्थकों का कहना था कि लंबे समय से अस्पताल के शुरू न होने के कारण क्षेत्र के लोगों में लगातार असंतोष बढ़ रहा है।भूख हड़ताल पर बैठे अकिल बख्शी की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर समर्थकों ने चिंता जताई। सोमवार को शिवानी बख्शी ने आरोप लगाया था कि अब तक कोई प्रशासनिक अधिकारी उनसे मिलने नहीं पहुंचा और न ही सरकार की ओर से इस मामले में अपेक्षित कदम उठाया गया है। समर्थकों की बढ़ती भीड़ और अस्पताल परिसर में उठते सवालों के बीच यह मुद्दा एक बार फिर प्रशासन के सामने प्रमुखता से आया। मोके पर मौजूद लोगों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध से जुड़ी नहीं, बल्कि क्षेत्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने से संबंधित है।*अब निगाहें प्रशासन और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। भूख हड़ताल के चौथे दिन पहुंचने के साथ ही अस्पताल का मुद्दा नूरपुर में एक प्रमुख जनस्वास्थ्य विषय के रूप में सामने आया हैl

