
नौराधार। सड़क के नाम पर रास्ता तो मौजूद है, लेकिन इसकी बदहाल स्थिति देखकर यह कहना मुश्किल हो जाता है कि यह सड़क है या बरसाती नाला। नौराधार पंचायत के भोग बटिवडी गांव में सड़क की खस्ताहालत अब ग्रामीणों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बनती जा रही है। लंबे समय से समस्या का समाधान न होने के बाद अब गांव के युवाओं और ग्रामीणों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी आवाज प्रशासन, सरकार और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचानी शुरू कर दी है।भोग बटिवडी गांव के एक युवक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सड़क की मौजूदा स्थिति को सामने रखा है। युवक के अनुसार यह सड़क लोक निर्माण विभाग (PWD) के अंतर्गत आती है और इस सड़क पर करोड़ों रुपये का कार्य करवाया जा चुका है। इसके बावजूद सड़क की जमीनी स्थिति बेहद खराब है और ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
युवक ने वीडियो के माध्यम से सड़क की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि गांव में कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाए या किसी मरीज को तत्काल मुख्य सड़क तक पहुंचाने की जरूरत हो, तो ग्रामीणों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो जाती है। युवक के अनुसार गांव से मुख्य सड़क की दूरी करीब 5 किलोमीटर है, लेकिन सड़क की बदहाल स्थिति के कारण मरीज को पीठ पर उठाकर करीब दो से ढाई घंटे तक पैदल मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली को लेकर पंचायत और संबंधित विभाग से समाधान की उम्मीद लंबे समय से की जा रही है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। अब ग्रामीणों और युवाओं ने अपने स्तर पर सोशल मीडिया को आवाज उठाने का माध्यम बनाया है, ताकि उनकी समस्या प्रशासन, सरकार और क्षेत्रीय विधायक तक सीधे पहुंच सके।
युवक ने रेणुका विधायक विनय कुमार, लोक निर्माण विभाग तथा ग्राम पंचायत नौराधार के प्रधान सहित सभी पंचायत सदस्यों से सड़क की स्थिति का संज्ञान लेने, मौके का निरीक्षण करवाने और जल्द से जल्द सड़क को सुधारने की अपील की है।ग्रामीणों की यह आवाज अब सोशल मीडिया के जरिए जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंच रही है। ग्रामीणों की मांग है कि सड़क की वास्तविक स्थिति की जांच कर आवश्यक कार्य करवाया जाए, ताकि आपात स्थिति में मरीजों और अन्य ग्रामीणों को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।सवाल अब यही है कि जब इस सड़क पर करोड़ों रुपये के कार्य की बात कही जा रही है, तो जमीनी स्तर पर इसकी बदहाली क्यों नजर आ रही है? और आखिर भोग बटिवडी के ग्रामीणों को बेहतर सड़क सुविधा के लिए और कितना इंतजार करना पड़ेगा?

