पहाड़ों के कटाव और घटते जल स्रोतों को लेकर सरकार से कार्रवाई की मांग, तहसीलदार के माध्यम से सौंपा ज्ञापन

सिरमौर। संगड़ाह में कथित अवैध और अवैज्ञानिक खनन के खिलाफ लोगों का आक्रोश सड़कों पर देखने को मिला। वसुंधरा संरक्षण समिति के बैनर तले मुख्य बाजार में एक आक्रोश रैली निकाली गई, जिसमें स्थानीय लोगों के साथ विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पहाड़ों के अनियंत्रित कटाव, प्राकृतिक संसाधनों पर पड़ रहे प्रभाव और जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर चिंता जताई। प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंपकर मामले में प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
रैली की अगुवाई अंतरराष्ट्रीय अल्ट्रा मैराथन धावक सुनील शर्मा और मेजर जनरल अतुल कौशिक ने की। समिति के सदस्यों और प्रदर्शनकारियों ने कहा कि क्षेत्र में खनन गतिविधियों से निकलने वाले मलबे और सिल्ट के कारण प्राकृतिक ढलानों, जल स्रोतों तथा पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि खनन गतिविधियों की नियमित निगरानी की जाए और जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाए, वहां कानून के तहत कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि विकास कार्य और निर्माण गतिविधियां पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए संचालित होनी चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय अल्ट्रा मैराथन धावक सुनील शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार को अवैध खनन, पहाड़ों के कटाव और वनों को होने वाले नुकसान के मामलों पर गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। समिति की ओर से प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में क्षेत्र में खनन गतिविधियों की जांच, पर्यावरणीय प्रभावों का आकलन और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की मांग रखी गई। वहीं, प्रशासन की ओर से ज्ञापन को संबंधित स्तर पर भेजकर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने की बात कही गई है।

