Reading: सात दिन से जारी सफाई अभियान, खटियाड़ तालाब को मिल रही नई जिंदगी

सात दिन से जारी सफाई अभियान, खटियाड़ तालाब को मिल रही नई जिंदगी

RamParkash Vats
3 Min Read

फोटो कैप्शन::खटियाड़ के ऐतिहासिक तालाब में सफाई अभियान के दौरान श्रमदान करते मत्स्य विभाग के अधिकारी, श्री गुगा जगहर पीर जी सेवा एवं जनकल्याण समिति, मत्स्य सहकारी सभा और स्थानीय लोग।

मत्स्य विभाग की पहल में गुगा जगहर पीर जी सेवा समिति, मत्स्य सहकारी सभा और स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा

कांगड़ा। जलस्रोतों को स्वच्छ एवं संरक्षित रखने के उद्देश्य से मत्स्य विभाग हिमाचल प्रदेश का विशेष सफाई अभियान लगातार जारी है। विश्व सफाई दिवस के अवसर पर 20 सितंबर को खटियाड़ के ऐतिहासिक तालाब से शुरू हुआ यह अभियान 20 अक्टूबर तक चलेगा। “मेरा जलस्रोत, मेरी जिम्मेदारी” और “जलस्रोतों की सफाई करें, जलीय जीवन बचाएं” की थीम के साथ चलाए जा रहे इस अभियान के तहत पिछले सात दिनों से तालाब में लगातार सफाई कार्य किया जा रहा है।

कचरा हटाकर संवारा जा रहा ऐतिहासिक तालाब

खटियाड़ के ऐतिहासिक तालाब में लंबे समय से जमा कचरे और गंदगी को हटाने के लिए अभियान के तहत श्रमदान किया जा रहा है। सफाई के दौरान तालाब से कचरा बाहर निकालने के साथ आसपास के क्षेत्र को भी व्यवस्थित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य जलस्रोत की स्वच्छता बहाल करने के साथ यहां मौजूद जलीय जीवन के लिए बेहतर वातावरण तैयार करना भी है।

जलस्रोत संरक्षण में जनभागीदारी पर जोर

फिशरीज ऑफिसर पौंग बांध पंकज पटियाल ने कहा कि जलस्रोतों की स्वच्छता और संरक्षण केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अभियान में सहयोग करने और जलस्रोतों में कूड़ा-कचरा न डालने की अपील की।

सेवा समिति और मत्स्य सभा ने बढ़ाया सहयोग का हाथ

सफाई अभियान में श्री गुगा जगहर पीर जी सेवा एवं जनकल्याण समिति, मत्स्य सहकारी सभा खटियाड़ तथा स्थानीय लोगों ने श्रमदान कर सहयोग दिया। समिति के प्रधान अवतार सिंह राजू ने कहा कि जलस्रोत प्राकृतिक धरोहर हैं और इनकी स्वच्छता बनाए रखना सभी का दायित्व है। समिति की ओर से अभियान में लगातार सहयोग दिया जा रहा है तथा स्थानीय लोगों से भी तालाब को साफ रखने की अपील की जा रही है।

सफाई के साथ जागरूकता का भी संदेश

अभियान के दौरान लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि जलस्रोतों की स्वच्छता केवल एक बार सफाई करने से कायम नहीं रह सकती। इसके लिए नियमित देखरेख, जागरूकता और स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

20 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

मत्स्य विभाग का यह अभियान 20 अक्टूबर तक जारी रहेगा। विभाग और स्थानीय संगठनों का प्रयास है कि सफाई के बाद तालाब दोबारा गंदगी की चपेट में न आए और इसे लंबे समय तक स्वच्छ एवं सुरक्षित रखा जा सके।

Share This Article
Leave a comment
error: Content is protected !!