न्यूज इंडिया आजतक संसदीय क्षेत्र कांगड़ा -चंम्बा चीफ ब्यूरो विनय महाजन
प्रदेश सरकार की व्यवस्था को मजबूत करने में अपना सेवाकाल पूरा कर चुके करीब दस वर्ष से कम सेवाकाल वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों के एक वर्ग ने एक बार फिर सम्मानजनक पेंशन की मांग उठाई है। सेवानिवृत्त कर्मचारी महासंघ के कुछ पदाधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने फतेहपुर दौरे के दौरान इस वर्ग की मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया था, लेकिन काफी समय बीतने के बावजूद धरातल पर इसका कोई ठोस परिणाम नजर नहीं आया है।
महासंघ के पदाधिकारियों के अनुसार फतेहपुर दौरे के दौरान विधायक भवानी सिंह पठानिया और प्रदेश सरकार में मंत्री चौधरी चंद्र कुमार की मौजूदगी में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष दस वर्ष से कम सेवाकाल वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानजनक पेंशन उपलब्ध करवाने की मांग रखी थी। पदाधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने उस समय सरकार की ओर से इस मामले पर गौर करने का आश्वासन दिया था।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान प्रदेश की प्रशासनिक एवं विकास व्यवस्था को मजबूत करने में अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवनयापन के लिए उचित पेंशन व्यवस्था की उम्मीद करना स्वाभाविक है। उनका कहना है कि उम्र के इस पड़ाव पर आर्थिक सुरक्षा उनके लिए महत्वपूर्ण है।
महासंघ के पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि इस विषय को केवल आश्वासन तक सीमित न रखते हुए संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाए और पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हित में ठोस निर्णय लिया जाए। उनका कहना है कि सरकार यदि इस वर्ग के लिए कोई योजना या पेंशन व्यवस्था शुरू करती है तो इससे लंबे समय से अपनी मांग को लेकर संघर्ष कर रहे कर्मचारियों को राहत मिल सकती है।
क्षेत्र में अब यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन पर सरकार कब तक अमल करेगी। सेवानिवृत्त कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि प्रदेश सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी।
वहीं, सरकार की ओर से इस मांग पर आधिकारिक निर्णय या वर्तमान स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही इसकी अंतिम तस्वीर सामने आएगी।

