शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के हजारों पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों के लिए जरूरी सूचना है। वर्ष 2026-27 के लिए जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की प्रक्रिया 1 अक्तूबर से शुरू होकर 30 नवंबर 2026 तक चलेगी। निर्धारित अवधि में जीवन प्रमाणपत्र जमा और सत्यापित नहीं करवाने पर संबंधित पेंशनर की पेंशन का भुगतान प्रभावित हो सकता है।

बोर्ड प्रबंधन के अनुसार इस बार वित्त विभाग के निर्देशों के तहत जीवन प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को डिजिटल किया गया है। पेंशनरों को जीवन प्रमाण (Jeevan Pramaan) प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना होगा। इसका उद्देश्य सत्यापन प्रक्रिया को आसान, तेज और पारदर्शी बनाना है।
पेंशनर अपना डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), लोक मित्र केंद्र, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, डाकघर अथवा डाक विभाग की डोर-स्टेप सेवा के माध्यम से बनवा सकते हैं। इसके अलावा मोबाइल फोन पर जीवन प्रमाण एप के माध्यम से भी घर बैठे डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र तैयार किया जा सकता है।
गंभीर रूप से बीमार पेंशनरों को राहत
बोर्ड ने गंभीर बीमारी या शारीरिक अक्षमता के कारण डिजिटल प्रक्रिया पूरी करने में असमर्थ बुजुर्ग पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को राहत दी है। ऐसे मामलों में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र की अनिवार्यता से छूट रहेगी। संबंधित चिकित्सा अधिकारी अथवा अधिकृत चिकित्सक से प्रमाणित मैन्युअल जीवन प्रमाणपत्र स्वीकार किया जाएगा।
बोर्ड प्रबंधन ने सभी पेंशनरों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और 1 अक्तूबर से 30 नवंबर के बीच समय रहते जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सत्यापित करवा लें। किसी भी प्रकार की सहायता या जानकारी के लिए संबंधित डीडीओ कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

