देहरी, 15 सितंबर 2026:वज़ीर राम सिंह राजकीय महाविद्यालय, देहरी के हिंदी विभाग द्वारा हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में 14–15 सितंबर 2026 को द्वि-दिवसीय कार्यक्रम श्रृंखला का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति रुचि, रचनात्मकता, अभिव्यक्ति-कौशल तथा लेखन क्षमता को प्रोत्साहित करना रहा।

कार्यक्रम के प्रथम दिवस 14 सितंबर को “सोशल मीडिया : हिंदी के लिए अवसर या चुनौती?” विषय पर हिंदी वाग्मिता प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में 12 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा 66 विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। प्रतियोगिता में बी.ए. प्रथम वर्ष की तमन्ना चौधरी ने प्रथम, एम.ए. इतिहास प्रथम सत्र की बाला शर्मा ने द्वितीय तथा बी.ए. द्वितीय वर्ष के शुभम शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इस अवसर पर कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. मंजीत सिंह ने प्रत्येक भाषा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सोशल मीडिया हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए एक प्रभावी मंच है। उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यमों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. नेहा मिश्रा ने कहा कि आज हिंदी के सफर को राजभाषा से लेकर सोशल मीडिया की बढ़ती ताकत तक समझने की आवश्यकता है। उन्होंने हिंदी के बदलते स्वरूप तथा डिजिटल माध्यमों में उसके बढ़ते प्रयोग को रेखांकित किया। प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में डॉ. मंजीत सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर सोनिका तथा असिस्टेंट प्रोफेसर विपिन कुमार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दूसरे दिन 15 सितंबर को औपचारिक पत्र लेखन एवं प्रतिवेदन लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। दोनों प्रतियोगिताओं में 29-29 विद्यार्थियों ने भाग लिया।

औपचारिक पत्र लेखन प्रतियोगिता में पलक बी.ए. प्रथम वर्ष ने प्रथम, सिमरन बी.ए. द्वितीय वर्ष ने द्वितीय तथा हिमानी शर्मा बी.ए. प्रथम वर्ष ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं प्रतिवेदन लेखन प्रतियोगिता में सलोनी बी.ए. प्रथम वर्ष ने प्रथम, पलक बी.ए. प्रथम वर्ष ने द्वितीय तथा गुंजन बी.ए. तृतीय वर्ष ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
समापन अवसर पर कार्यकारी प्राचार्या डॉ. दीपशिखा ने विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया तथा उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों में भाषा-कौशल, आत्मविश्वास और सृजनात्मक अभिव्यक्ति को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।दो दिवसीय कार्यक्रम के सफल आयोजन में हिंदी विभाग के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

