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नशा मुक्त भारत अभियान को मिलेगी नई गति।

RamParkash Vats
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न्यूज इंडिया आजतक संसदीय क्षेत्र कांगड़ा -चंम्बा चीफ ब्यूरो विनय महाजन

नशे की बढ़ती समस्या के विरुद्ध जागरूकता, रोकथाम और नशा मुक्ति के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के ‘बोध-नशा उन्मूलन कार्यक्रम’ ने भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के साथ नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत दो वर्ष के लिए समझौता ज्ञापन किया है। दिव्य ज्योति जाग्रित संस्थान शाखा पठानकोट के कोऑर्डिनेटर स्वामी हरिशानंद ने बताया कि यह साझेदारी देश में नशे की रोकथाम एवं नशा मुक्ति के प्रयासों को व्यापक स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने कहा कि ‘बोध’ कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं सहित समाज के विभिन्न वर्गों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा नशे से दूर रहने के लिए सकारात्मक एवं सशक्त वातावरण तैयार करने के प्रयास किए जाएंगे। इस महत्वपूर्ण अवसर पर साध्वी शिताभा भारती, ग्लोबल कोऑर्डिनेटर, बोध-नशा उन्मूलन कार्यक्रमके साथ गौरव गुप्ता एवं गौरव सगर ने संस्थान का प्रतिनिधित्व किया। समझौता ज्ञापन पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से सुधांश पंत, आईएएस , सचिव, आस्तिक कुमार पांडेय, आईएएस , निदेशक, तथा डॉ. संदीप आर. राठौड़, संयुक्त सचिव, ड्रग प्रिवेंशन एंड प्लानिंग डिवीजन की गरिमामयी उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता नशे की रोकथाम, जन-जागरूकता और नशा मुक्ति से जुड़े प्रयासों को नई दिशा और गति प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके माध्यम से सरकारी प्रयासों और सामाजिक संस्थाओं की सहभागिता को और मजबूत करते हुए नशा मुक्त भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

इस अवसर पर स्वामी हरीशानंद ने कहा कि यह पहल नशा मुक्ति के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय एवं सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा, “नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को भी प्रभावित करता है। ऐसे में नशे के विरुद्ध जागरूकता और रोकथाम के लिए इस प्रकार की व्यापक साझेदारी निश्चित रूप से सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनेगी।” उन्होंने कहा कि सरकार, सामाजिक संस्थाओं और समाज के सामूहिक प्रयासों से नशे के विरुद्ध जागरूकता को व्यापक स्तर तक पहुंचाया जा सकता है। विशेष रूप से युवाओं को नशे से दूर रखने तथा उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली की ओर प्रेरित करने में ऐसे प्रयास महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह साझेदारी एक स्वस्थ, सशक्त और नशा मुक्त भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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