पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति संवर्धन का उद्देश्य: पौधे लगाना ही नहीं, उन्हें बचाना भी जरूरी
न्यूज इंडिया आजतक संसदीय क्षेत्र कांगड़ा -चंम्बा चीफ ब्यूरो विनय महाजन

नूरपुर:पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति संवर्धन का अर्थ केवल अधिक से अधिक पौधे लगा देना नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ संतुलित संबंध स्थापित करना और लगाए गए पौधों को पेड़ बनने तक उनकी जिम्मेदारी से देखभाल करना है। इसी उद्देश्य को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विकासार्थ विद्यार्थी (SFD) नूरपुर जिला द्वारा पंचायत क्षेत्र में पौधारोपण अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिकंदर राणा उपस्थित रहे, जबकि SFD प्रांत संयोजक पुष्पराज ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित किया।

पौधे क्यों लगाए जाते हैं, इसका सबसे बड़ा उत्तर हमारे जीवन और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा है। पेड़ हमें ऑक्सीजन देते हैं, वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं और जलवायु संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पेड़ गर्मी के प्रभाव को कम करने, मिट्टी के कटाव को रोकने, वर्षा जल के संरक्षण तथा जैव विविधता को बढ़ावा देने में भी सहायक होते हैं। पेड़ों पर पक्षियों और अनेक जीव-जंतुओं को आश्रय मिलता है। इसलिए एक पौधा लगाना वास्तव में प्रकृति की एक छोटी-सी इकाई को मजबूत करना है।

आज बढ़ता शहरीकरण, जंगलों का कम होना, प्रदूषण, प्लास्टिक का बढ़ता उपयोग और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ता दबाव पर्यावरण के सामने गंभीर चुनौती बन चुके हैं। ऐसे समय में पौधारोपण अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को अपनी पर्यावरणीय जिम्मेदारी समझाने का माध्यम बन सकता है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण किया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। SFD के प्रांत संयोजक पुष्पराज ने आह्वान किया कि प्रत्येक कार्यकर्ता अपने जीवन में हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाए। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने एक-एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।
मुख्य अतिथि सिकंदर राणा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या किसी संगठन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि पेड़ वर्तमान पीढ़ी को स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण देने के साथ आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव भी तैयार करते हैं।
इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही रहा कि पौधा लगाना शुरुआत है, उसकी देखभाल करना असली जिम्मेदारी है। यदि लगाया गया प्रत्येक पौधा पेड़ बनने तक सुरक्षित रखा जाए, तो ऐसे छोटे-छोटे प्रयास भविष्य में बड़े पर्यावरणीय बदलाव का आधार बन सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और कार्यकर्ताओं ने अधिक से अधिक लोगों को पौधारोपण के लिए प्रेरित करने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।

