मिश्रिख (सीतापुर): 12 रबीउल अव्वल का मुकद्दस दिन पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की विलादत की याद में मनाया जाता है। इस पवित्र अवसर पर ग्राम पंचायत आट में निकले पारंपरिक जुलूस में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी। धार्मिक उल्लास और श्रद्धा के इस माहौल में आपसी प्रेम, भाईचारे और इंसानियत की भावना भी देखने को मिली।

153 विधानसभा मिश्रिख से बसपा प्रत्याशी अभिलाषा वर्मा ने जुलूस में पहुंचकर अकीदतमंदों का स्वागत किया और सेवा कार्य में हिस्सा लिया। भीषण गर्मी के बीच उन्होंने अपने हाथों से जुलूस में शामिल लोगों, बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं को फल, बिस्कुट तथा ठंडा पानी वितरित किया। उनकी इस सेवा भावना की स्थानीय लोगों ने सराहना की और इसे इंसानियत तथा कौमी एकता की सुंदर मिसाल बताया।
धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो 12 रबीउल अव्वल केवल खुशी और जश्न का अवसर नहीं, बल्कि पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं—अमन, रहमत, इंसानियत, भाईचारे और जरूरतमंदों की मदद—को अपने जीवन में उतारने का संदेश भी देता है। इसी भावना के अनुरूप जुलूस में सेवा और सत्कार का वातावरण दिखाई दिया।
इस अवसर पर अभिलाषा वर्मा ने क्षेत्रवासियों को मुबारकबाद देते हुए कहा कि भारत की खूबसूरती उसकी विविध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में निहित है। त्योहार और धार्मिक अवसर समाज को जोड़ने, एक-दूसरे के प्रति सम्मान बढ़ाने और आपसी सद्भाव मजबूत करने का माध्यम बनें, यही हमारी साझा जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि मिश्रिख क्षेत्र में अमन, भाईचारा, सद्भाव और इंसानियत की भावना हमेशा मजबूत रहनी चाहिए। ग्राम पंचायत आट में 12 रबीउल अव्वल के अवसर पर दिखाई दिया यह सौहार्दपूर्ण वातावरण वास्तव में गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक एकता का संदेश देता नजर आया।

