चेयरमैन आमिर अराफात और सपा नेता शिवेंद्र प्रताप यादव आमने-सामने, दोनों पक्षों ने लगाए गंभीर आरोप
महमूदाबाद, सीतापुर चीफ ब्यूरो अनुज कुमार जैन न्यूज इंडिया आजतक
महमूदाबाद में समाजवादी पार्टी से जुड़े दो स्थानीय नेताओं के बीच चल रहा विवाद अब पुलिस थाने और एफआईआर तक पहुंच गया है। नगर पालिका परिषद महमूदाबाद के अध्यक्ष आमिर अराफात और सपा नेता शिवेंद्र प्रताप यादव के बीच आरोप-प्रत्यारोप का मामला इन दिनों क्षेत्र की सियासत में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत तहसील समाधान दिवस के दौरान हुई। नगर पालिका अध्यक्ष आमिर अराफात ने पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी के समक्ष लिखित शिकायत देकर शिवेंद्र प्रताप यादव पर गंभीर आरोप लगाए। चेयरमैन का आरोप है कि उन पर नियमों के विपरीत कार्य करने का दबाव बनाया जा रहा था। उनकी बात नहीं मानने पर सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी और नगर पालिका की छवि खराब करने का प्रयास किया गया। साथ ही, उन्होंने दो लाख रुपये की रंगदारी मांगने का भी आरोप लगाया है।
वहीं, सपा नेता शिवेंद्र प्रताप यादव ने चेयरमैन के आरोपों को निराधार बताते हुए इसे अपने खिलाफ साजिश करार दिया है। उनका आरोप है कि एक रास्ता बनवाने के नाम पर स्वयं चेयरमैन आमिर अराफात ने उनसे पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। रकम नहीं देने पर उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है।
दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद मामला पुलिस जांच के दायरे में है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस शिकायतों, उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों की जांच कर रही है। फिलहाल आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
एक ही राजनीतिक दल से जुड़े दो स्थानीय नेताओं के बीच सामने आए इस विवाद ने महमूदाबाद की राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। मामला अब सोशल मीडिया और राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर पुलिस जांच तक पहुंच चुका है। ऐसे में सभी की नजरें जांच के निष्कर्ष और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
नोट: दोनों पक्षों द्वारा लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं। किसी भी आरोप की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

