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राजगढ़ अस्पताल से सोलन रेफर गर्भवती महिला का 500 मीटर दूर सड़क किनारे प्रसव

RamParkash Vats
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स्थिति को देखते हुए 108 एंबुलेंस की ईएमटी पुष्पलता शर्मा ने बिना समय गंवाए मौके पर ही प्रसव करवाया

सिरमौर / नोहरा धार:-राजगढ़ अस्पताल से सोलन रेफर की गई गर्भवती महिला का अस्पताल से महज करीब 500 मीटर दूर सड़क किनारे प्रसव होने का मामला सामने आया है। घटना ने राजगढ़ अस्पताल की प्रसव सुविधाओं और रेफरल व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, शिवपुर गांव की 23 वर्षीय सीमा को प्रसव के लिए नोहराधार से राजगढ़ अस्पताल लाया गया था। राजगढ़ अस्पताल में चिकित्सकों ने महिला को सोलन रेफर कर दिया। सोलन ले जाते समय राजगढ़ सब्जी मंडी और नए बस स्टैंड के समीप महिला की प्रसव पीड़ा अचानक तेज हो गई।
स्थिति को देखते हुए 108 एंबुलेंस की ईएमटी पुष्पलता शर्मा ने बिना समय गंवाए मौके पर ही प्रसव करवाया। एंबुलेंस चालक मनोज कुमार के सहयोग से सुरक्षित प्रसव करवाया गया। महिला ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। इसके बाद मां और नवजात को सुरक्षित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाई गई।

मुश्किल परिस्थिति में 108 एंबुलेंस कर्मियों द्वारा दिखाई गई तत्परता और सूझबूझ की स्थानीय लोगों ने सराहना की है। ईएमटी पुष्पलता शर्मा और चालक मनोज कुमार ने समय पर जिम्मेदारी निभाते हुए मां और नवजात दोनों को सुरक्षित रखा।
हालांकि, घटना के बाद राजगढ़ अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं और रेफरल प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि महिला प्रसव के बेहद करीब थी तो उसे सोलन रेफर करने से पहले उसकी स्थिति का उचित आकलन किया गया था या नहीं, इसकी समीक्षा होनी चाहिए। वहीं, यदि सोलन रेफर करना चिकित्सकीय रूप से जरूरी था तो रास्ते में प्रसव की संभावित स्थिति को देखते हुए आवश्यक व्यवस्था क्यों नहीं की गई, यह भी जांच का विषय है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि नोहराधार में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को राजगढ़ और उसके बाद सोलन रेफर किया जाता है। गर्भवती महिलाओं के लिए बार-बार रेफरल और लंबी दूरी की यात्रा जोखिमपूर्ण हो सकती है।
स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से राजगढ़ अस्पताल में प्रसव संबंधी सुविधाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों और आवश्यक स्टाफ की स्थिति की समीक्षा करने की मांग की है। साथ ही नोहराधार अस्पताल को भी आवश्यक सुविधाओं और विशेषज्ञ स्टाफ से जल्द सुसज्जित करने की मांग उठाई गई है।
लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में किसी गर्भवती महिला को अस्पताल से महज कुछ दूरी पर सड़क किनारे प्रसव कराने की नौबत नहीं आनी चाहिए। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को मामले का संज्ञान लेकर रेफरल व्यवस्था तथा प्रसव सेवाओं की कमियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

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