कामरेड बलराज भलूनी के निधन से क्षेत्र ने एक समर्पित शिक्षाविद और समाजसेवी व्यक्तित्व खो दिया है। उनकी स्मृतियां और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे।

उनके निधन को शिक्षा जगत के साथ-साथ क्षेत्र के लिए भी अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। सामाजिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा के प्रति उनका समर्पण और विद्यार्थियों के प्रति उनका स्नेह लंबे समय तक याद किया जाएगा।

संगड़ाह/चाड़ना। सिरमौर:-जिला के उपमंडल संगड़ाह के अंतर्गत चाड़ना स्थित परमहंस योगानंद विद्यालय के संस्थापक एवं प्रधानाचार्य कामरेड बलराज भलूनी का आज शिमला स्थित आईजीएमसी अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन का समाचार मिलते ही पूरे गिरिपार क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक समर्पित भाव से कार्य करने वाले बलराज भलूनी के निधन से क्षेत्रवासी स्तब्ध हैं।
परिचितों से मिली जानकारी के अनुसार बलराज भलूनी पिछले करीब एक सप्ताह से बीमार चल रहे थे। उपचार के लिए उन्हें पहले सोलन अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद उन्हें शिमला स्थित आईजीएमसी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
कामरेड बलराज भलूनी हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में छात्र संगठन एसएफआई के नेता रहे तथा बाद में सीपीआई(एम) के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में भी अपनी पहचान बनाई। पिछले करीब 22 वर्षों से वह चाड़ना में परमहंस योगानंद विद्यालय का संचालन कर रहे थे।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, कामरेड बलराज भलूनी ने अपना जीवन शिक्षा के क्षेत्र को समर्पित कर दिया था। उनके विद्यालय में ऐसे विद्यार्थियों को भी शिक्षा का अवसर मिला, जिन्हें अन्य स्कूलों में पढ़ाई के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। उनके द्वारा पढ़ाए गए कई विद्यार्थी आज विभिन्न क्षेत्रों में उच्च पदों पर सेवाएं दे रहे हैं।
मूल रूप से शिमला जिला के रामपुर क्षेत्र के रहने वाले बलराज भलूनी ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा सिरमौर के दुर्गम क्षेत्र चाड़ना में शिक्षा की लौ जलाने में बिताया। शिक्षा के प्रति उनका समर्पण और विद्यार्थियों के प्रति उनका स्नेह क्षेत्र के लोगों के लिए हमेशा स्मरणीय रहेगा।
बलराज भलूनी की पत्नी सरकारी विद्यालय में अध्यापिका के पद पर सेवाएं दे रही हैं। उनके निधन को शिक्षा जगत के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों, विद्यार्थियों एवं उनके परिचितों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

