चेयरमैन आमिर अरफात ने संपूर्ण समाधान दिवस में दी तहरीर, निष्पक्ष जांच और विधिक कार्रवाई की मांग

महमूदाबाद, सीतापुर। राज्य चीफ ब्यूरो अनुज कुमार जैन। नगर पालिका परिषद महमूदाबाद के अध्यक्ष आमिर अरफात ने एक युवक पर नगर पालिका के प्रशासनिक एवं विकास कार्यों में अनुचित दबाव बनाने, सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी सार्वजनिक छवि धूमिल करने तथा कथित रूप से दो लाख रुपये की रंगदारी मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले को लेकर चेयरमैन ने संपूर्ण समाधान दिवस में प्रभारी अधिकारी को शिकायती पत्र सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और नियमानुसार विधिक कार्रवाई की मांग की है।
VIEDO :चेयरमैन द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, मोतीपुर चौराहा, सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय के निकट निवासी शिवेंद्र प्रताप यादव पुत्र राम कुमार यादव पर आरोप है कि वह नगर पालिका परिषद के प्रशासनिक एवं विकास कार्यों में अनुचित एवं अनैतिक दबाव बनाने का प्रयास कर रहा था। शिकायत के मुताबिक, जब चेयरमैन ने नियमों के विपरीत किसी व्यक्ति विशेष के हित में कार्य करने से इनकार किया तो संबंधित युवक कथित तौर पर नाराज हो गया।
आरोप है कि इसके बाद युवक ने चेयरमैन की सामाजिक एवं सार्वजनिक प्रतिष्ठा को प्रभावित करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया, विशेषकर फेसबुक पर भ्रामक एवं आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करना शुरू कर दिया। चेयरमैन का कहना है कि इस संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री के स्क्रीनशॉट भी शिकायती पत्र के साथ उपलब्ध कराए गए हैं।
शिकायत में आगे आरोप लगाया गया है कि कथित रूप से लगाए जा रहे आरोपों को लेकर जब युवक से बातचीत की गई तो उसने गवाहों अकील अहमद निवासी कटरा महमूदाबाद और इमरान निवासी रमुवापुर महमूदाबाद की मौजूदगी में दो लाख रुपये की मांग की। आरोप के मुताबिक, रुपये नहीं देने पर सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार बदनाम करने की धमकी भी दी गई।
चेयरमैन आमिर अरफात ने कहा कि नगर पालिका अध्यक्ष के रूप में उनका दायित्व जनहित में निष्पक्ष और नियम-कानून के अनुरूप कार्य करना है। किसी भी व्यक्ति के दबाव में नियमों के विपरीत निर्णय लेना उनके लिए संभव नहीं है।
उन्होंने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, सोशल मीडिया पोस्ट एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
फिलहाल मामला शिकायत और लगाए गए आरोपों के स्तर पर है। आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

