एसडीएम फतेहपुर के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन 21 साल सेवाएं देने के बाद करीब एक साल से बेरोजगार 166 कर्मचारियों ने BMS प्रदेश अध्यक्ष मदन राणा की अगुवाई में उठाई आवाज

फतेहपुर हिमाचल प्रदेश वन विभाग के मिड हिमालय प्रोजेक्ट और इसके बाद इको सिस्टम क्लाइमेट प्रूफिंग प्रोजेक्ट (KFW) में वर्षों तक सेवाएं देने वाले 166 कर्मचारी करीब एक साल से बेरोजगार हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने परियोजनाओं में 21 साल तक सेवाएं दीं और उन्हें दोबारा रोजगार देने का आश्वासन भी मिला था, लेकिन अब तक यह आश्वासन पूरा नहीं हुआ।

भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष मदन राणा की अगुवाई में कर्मचारियों ने एसडीएम फतेहपुर रमण शर्मा के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर फिर से रोजगार देने की गुहार लगाई। कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय तक सरकार की परियोजनाओं में सेवाएं देने के बाद इस उम्र में बेरोजगार होना उनके और उनके परिवारों के लिए बड़ी चिंता का विषय है।

इस दौरान महिला कर्मचारियों सुदेश कुमार निवासी गारन, रंजू बाला निवासी देहरी, सुनीता देवी निवासी तलाड़ा, रमनजोत कौर निवासी बास बज़ीरा, चंचला देवी निवासी गनोह, वंदना देवी निवासी भुगनाड़, निशा देवी निवासी धनेटी, किरण रेखा निवासी राजा का तालाब, सुनीता कुमारी निवासी बड़ी बतराहण और सुदेश कुमारी निवासी दरकाटी सहित करीब 70 महिला कर्मचारियों ने अपनी पीड़ा साझा की।
महिला कर्मचारियों ने कहा कि करीब एक साल से रोजगार की आस में भटकना पड़ रहा है। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच नया रोजगार तलाशना आसान नहीं है। उन्होंने सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेकर उन्हें दोबारा रोजगार देने की मांग की।मदन राणा ने कहा कि इन कर्मचारियों ने अपने जीवन के 21 वर्ष सरकार की परियोजनाओं को दिए हैं। ऐसे कर्मचारियों को इस तरह बेरोजगार करना उचित नहीं है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से कर्मचारियों की समस्या का जल्द समाधान करने और उन्हें पुनः रोजगार देने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो भारतीय मजदूर संघ कर्मचारियों के समर्थन में आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगा।
कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी वर्षों की सेवाओं को ध्यान में रखते हुए जल्द रोजगार बहाली को लेकर ठोस निर्णय लेगी।फोटो कैप्शन: एसडीएम फतेहपुर रमण शर्मा के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते BMS प्रदेश अध्यक्ष मदन राणा व रोजगार से वंचित कर्मचारी।

