न्यूज इंडिया आजतक/क्राईम न्यूज डेस्क/संपादक राम प्रकाश वत्स
मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच पुलिस जिला नूरपुर ने एक ऐसी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसने नशा कारोबारियों के नेटवर्क में हलचल पैदा कर दी है। पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित रणनीति के चलते एक अंतरराज्यीय नशा तस्करी गिरोह की अहम कड़ी तक पहुंचने में सफलता मिली है।
हिमफेड मिल्क प्लांट के समीप मीलवान क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने एक कार के स्टीयरिंग के भीतर छिपाकर रखी गई 264.6 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद कर पंजाब के एक कथित शातिर तस्कर को गिरफ्तार किया है।मामला केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन गहरे जालों की ओर इशारा करता है जो पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों तक फैले हुए हैं। पुलिस के अनुसार बरामद हेरोइन की मात्रा एनडीपीएस एक्ट के तहत व्यावसायिक श्रेणी में आती है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि खेप किसी छोटे स्तर की बिक्री नहीं बल्कि संगठित सप्लाई चेन का हिस्सा हो सकती है।सूत्रों के अनुसार CIA नूरपुर को गुप्त सूचना मिली थी कि पंजाब का एक सप्लायर मीलवान क्षेत्र में बड़ी मात्रा में हेरोइन पहुंचाने आने वाला है।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने उलेहड़ियां-मीलवान मार्ग स्थित रेलवे फाटक के समीप घेराबंदी की और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में संदिग्ध सफेद रंग की होंडा अमेज कार को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान गाड़ी के स्टीयरिंग काउल कवर के भीतर छुपाया गया पारदर्शी पैकेट बरामद हुआ, जिसकी मौके पर जांच करने पर हेरोइन होने की पुष्टि हुई।गिरफ्तार आरोपी की पहचान जितेंद्र सिंह (41 वर्ष) निवासी भर्टवाल, तहसील बटाला, जिला गुरदासपुर, पंजाब के रूप में हुई है।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि आरोपी किसी बड़े और सक्रिय अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि नशे के खिलाफ जंग में केवल बरामदगी पर्याप्त नहीं होती, बल्कि उस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना जरूरी होता है
जो युवाओं तक जहर पहुंचाने का माध्यम बनता है। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है और अब इस बात की गहन जांच शुरू कर दी गई है कि खेप कहां से लाई गई थी तथा इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।नूरपुर पुलिस की यह कार्रवाई कानून व्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन यह भी स्पष्ट करती है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में नशा तस्करी के नेटवर्क अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं। ऐसे में पुलिस की सतर्कता और खुफिया तंत्र की मजबूती ही इस लड़ाई में निर्णायक साबित होगी।

