रे, चंबा 27 /05/2026/राज्य चीफ ब्यूरो विजय समयाल
वन परिक्षेत्र रे के अंतर्गत वन खण्ड धमेटा की वीट धमेटा के जंगल गढ़ भवोटा में अज्ञात लोगों द्वारा आग लगाए जाने का मामला सामने आया है। आग लगने से जंगल का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ, जिससे वन संपदा को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जंगल में अचानक आग भड़कने की सूचना मिलते ही वन विभाग और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। आग तेजी से फैल रही थी, लेकिन विभागीय कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत और सतर्कता के साथ करीब दो हेक्टेयर जंगल क्षेत्र में फैली आग पर कई घंटों के प्रयास के बाद काबू पा लिया।
इस अभियान के दौरान वन परिक्षेत्र रे के आरओ सतपाल थिन्ठ, वन खण्ड अधिकारी रविन्द्र सिंह, वन रक्षक अनूप, राकेश कुमार, वन मित्र अनरब, सोनाली और नवदीप सहित अन्य कर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। टीम ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद आग को आगे फैलने से रोकने में सफलता हासिल की।
वन विभाग ने आशंका जताई है कि आग अज्ञात लोगों द्वारा लगाई गई हो सकती है। मामले की जांच की जा रही है तथा लोगों से अपील की गई है कि जंगलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि वन संपदा को सुरक्षित रखा जा सके।

आरओ सतपाल थिन्ठ ने वन आगजनी को लेकर लोगों से की अपील
वन परिक्षेत्र रे के आरओ सतपाल थिन्ठ ने कहा कि जंगलों में आग लगने के कई कारण होते हैं। कई बार भीषण गर्मी, सूखी घास, तेज हवाएं और लापरवाही के चलते आग फैल जाती है, जबकि कुछ मामलों में शरारती तत्व जानबूझकर जंगलों में आग लगा देते हैं। जंगलों में लगी आग से बहुमूल्य वन संपदा, वन्य जीव और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचता है।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जंगलों को आग से सुरक्षित रखने के लिए सभी को जागरूक होना होगा। जंगलों के आसपास बीड़ी, सिगरेट या जलती वस्तुएं न फेंकें, सूखी घास या कूड़ा जलाने से बचें तथा आग लगने की सूचना तुरंत वन विभाग या प्रशासन को दें। ग्रामीणों और युवाओं का सहयोग वन संरक्षण में बेहद महत्वपूर्ण है।
आरओ सतपाल थिन्ठ ने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति को जंगल में आग लगाने वालों के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो वह वन विभाग को सूचना दे सकता है। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम पूर्णतः गोपनीय रखा जाएगा, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि जंगल हमारी अमूल्य धरोहर हैं और इन्हें बचाना हम सभी की सामूहिक

