महमूदाबाद, सीतापुर।राज्य चीफ ब्यूरो अनुज कुमार जैन
सीतापुर जिले के महमूदाबाद क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कथित उत्पीड़न और पुलिस कार्रवाई से परेशान एक 17 वर्षीय युवक पानी की टंकी पर चढ़ गया। युवक के टंकी पर चढ़ते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और घंटों की मशक्कत के बाद युवक को सकुशल नीचे उतारा गया।

जानकारी के अनुसार पीड़ित युवक मेराज ने गांव के ही एक दबंग अब्दुल रज्जाक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक का कहना है कि उसका परिवार पिछले पांच पीढ़ियों से ग्राम सहरी, महमूदाबाद स्थित जमीन पर रह रहा है। मेराज के मुताबिक वर्ष 2007 में विपक्षियों ने उसके पिता और परिवार के साथ मारपीट की थी, जिसके दो महीने बाद उसके पिता की मौत हो गई थी।
युवक ने आरोप लगाया कि विपक्षियों ने उनके घर के सामने जबरन जानवर बांध रखे थे। शिकायत के बाद लेखपाल और पुलिस ने जानवर हटवाए, जिससे नाराज होकर दबंगों ने उनके घर पर हमला कर दिया। इस दौरान युवक की उंगली में चोट आई, गर्भवती भैंस खोल ले गए, हैंडपंप उखाड़ दिया गया और शौचालय तक तोड़ डाला गया।
मेराज का आरोप है कि इतनी घटनाओं के बावजूद पुलिस ने उनके परिवार के तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज कर दिया, जबकि दूसरे पक्ष के केवल दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। युवक ने मीडिया के सामने रोते हुए कहा,
“मेरी उम्र सिर्फ 17 साल है। हमारे पास मुकदमा लड़ने के पैसे नहीं हैं। मैं पढ़ाई करूं या हर हफ्ते कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाऊं? हमें सिर्फ इंसाफ चाहिए और झूठा मुकदमा वापस लिया जाए।”
घटना की सूचना पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ डॉ. अम्मार रिजवी भी मौके पर पहुंचे और युवक को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच और हर संभव कानूनी मदद का भरोसा दिलाया, जिसके बाद युवक शांत हुआ और टंकी से नीचे उतर आया।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं इस घटना ने एक बार फिर गरीब परिवारों की सुनवाई और पुलिस कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं

