अब बड़ा सवाल यही है—क्या जिम्मेदार अधिकारी जागेंगे या महमूदाबाद यूं ही जाम में जूझता रहेगा?
महमूदाबाद (सीतापुर):22:04:2026:राज्य चीफ ब्यूरोअनुज कुमार जैन
शहर की यातायात व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह चरमराई हुई है। महमूदाबाद बस स्टैंड, रामकुंड चौराहा और महिला अस्पताल के आसपास हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। आए दिन लगने वाले भीषण जाम ने स्थानीय नागरिकों, मरीजों और यात्रियों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है।

जाम का ताज़ा हाल
हाल ही में रोडवेज बस स्टेशन के पास महिला अस्पताल के निकट घंटों लंबा जाम लगा रहा। स्थिति इतनी गंभीर थी कि वाहन तो दूर, पैदल निकलना भी चुनौती बन गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो पत्रकार अंजू सिंह द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिसमें प्रशासन की निष्क्रियता साफ नजर आई।
मुख्य वजहें: अतिक्रमण और अव्यवस्था
बस स्टैंड और प्रमुख चौराहों पर अवैध ठेले और कब्जों ने सड़कें संकरी कर दी हैं।
रोडवेज के पास प्राइवेट बस और टैक्सी स्टैंड सड़क पर ही संचालित हो रहे हैं, जिससे ट्रैफिक बाधित होता है।
पहले हटाए गए अतिक्रमण फिर से लौट आए हैं, जिससे हालात जस के तस बने हुए हैं।
प्रशासन पर उठ रहे सवाल
नगर पालिका और तहसील प्रशासन पर आरोप है कि वे केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित हैं।
अतिक्रमण हटाने के नाम पर दिखावटी कार्रवाई
जाम नियंत्रित करने में नाकामी
पुलिस तैनाती के बावजूद ट्रैफिक कंट्रोल नहीं
यहां तक कि एक पूर्व EO का जाम को लेकर “बेबसी” वाला बयान भी वायरल हो चुका है, जो व्यवस्था की पोल खोलता है।
रूट डायवर्जन ने बढ़ाई मुसीबत
बाराबंकी-बहराइच हाईवे (NH-927) पर घाघरा नदी के संजय सेतु (रामनगर) की मरम्मत के चलते 16 अप्रैल 2026 से भारी वाहनों का रूट डायवर्ट किया गया है।
चहलारी घाट और अन्य मार्गों से गुजरते ट्रक अब महमूदाबाद की सड़कों पर आ रहे हैं
संकरी सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ गया है
आम जनता पर सीधा असर
कई बार एंबुलेंस जाम में फंस रही हैं, जिससे मरीजों की जान खतरे में पड़ रही है
बाजार में खरीदारी और आवाजाही मुश्किल हो गई है
व्यापारियों और आम लोगों में भारी नाराजगी
❗ समाधान कब?
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक प्रशासन, नगर पालिका और पुलिस मिलकर ठोस और स्थायी योजना नहीं बनाते, तब तक यह समस्या और विकराल होती जाएगी।
अब बड़ा सवाल यही है—क्या जिम्मेदार अधिकारी जागेंगे या महमूदाबाद यूं ही जाम में जूझता रहेगा?

