सीतापुर/महमूदाबा 22/04/2026।राज्य चीफ ब्यूरो अनुज कुमार जैन
जहां एक ओर सरकार और तेल कंपनियां देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की पर्याप्त उपलब्धता का दावा कर रही हैं, वहीं जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल उलट नजर आ रही है। उत्तर प्रदेश के सीतापुर, बहराइच सहित आसपास के जिलों में ईंधन की भारी किल्लत से हालात चिंताजनक हो गए हैं। महमूदाबाद और ग्रामीण क्षेत्रों के कई पेट्रोल पंप पूरी तरह ‘ड्राई’ हो चुके हैं, जिससे आम लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है।*खेती और शादियों पर संकट की मार*इस समय चल रहे खेती के सीजन में डीजल की कमी किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। ट्रैक्टर और पंपसेट ठप पड़ने की कगार पर हैं,

जिससे फसलों पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। वहीं शादी-ब्याह के मौसम में गाड़ियों को ईंधन न मिलने से परिवारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह बारातों के इंतजाम तक प्रभावित हो रहे हैं।पंपों पर लंबी कतारें, फिर भी खाली हाथ लोगमहमूदाबाद समेत कई इलाकों में सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लग रही हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी लोगों को तेल नहीं मिल पा रहा। सीएनजी और रसोई गैस की आपूर्ति भी प्रभावित होने से रसोई और परिवहन दोनों पर असर पड़ा है। लोग एक जिले से दूसरे जिले तक भटकने को मजबूर हैं।*कालाबाजारी कीआशंका बढ़ीईंधन संकट के चलते* कालाबाजारी का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ जगहों पर ऊंचे दामों पर तेल बिकने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस पर सख्त निगरानी रखनी चाहिए।*जनता की मांग—तुरंत हो ठोस कार्रवाई*क्षेत्रीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति बहाल की जाए। टैंकरों की संख्या बढ़ाने और सप्लाई चेन को दुरुस्त करने की जरूरत बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो खेती, परिवहन और रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह ठप हो सकती है, जिसका व्यापक असर अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

