सिरमौर/24 मार्च 2026/ हिमाचल न्यूज़ डेक्स संपादक राम प्रकाश बत्स
पच्छाद विधानसभा क्षेत्र की विधायक रीना कश्यप ने प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 को कड़े शब्दों में नकारते हुए इसे पूरी तरह जनविरोधी, दिशाहीन और आर्थिक विफलता का प्रतीक बताया है।
उन्होंने कहा कि यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में कम है, जो प्रदेश की सिकुड़ती अर्थव्यवस्था को दर्शाता है। सरकार की वित्तीय स्थिति इतनी कमजोर हो चुकी है कि वेतन तक स्थगित करना पड़ रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। विधायक ने कहा कि सरकार द्वारा बार-बार दी जा रही “गारंटियां” केवल कागजों तक सीमित हैं और तीन वर्षों में एक भी प्रमुख वादा पूरा नहीं हुआ है। यह प्रदेश की जनता के साथ सीधा विश्वासघात है।
उन्होंने कहा कि किसानों को एमएसपी और अन्य योजनाओं का वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा है। घोषणाएं तो की जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस राहत नहीं दिखाई दे रही है। प्रदेश को लगातार कर्ज के बोझ तले दबाया जा रहा है और सरकार के पास कोई स्पष्ट आर्थिक रोडमैप नहीं है। विकास के नाम पर केवल प्रचार किया जा रहा है, जबकि वास्तविक स्थिति बिल्कुल विपरीत है।
विधायक रीना कश्यप ने यह भी कहा कि वित्तीय अनुशासन के नाम पर कर्मचारियों और अधिकारियों का वेतन रोकना सरकार की नीतिगत असफलता का सबसे बड़ा उदाहरण है। जनता से त्याग की अपेक्षा करने वाली सरकार खुद अपनी जवाबदेही से बच रही है। महिलाओं और युवाओं को लेकर किए गए वादों पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता और रोजगार के नाम पर केवल घोषणाएं की जा रही हैं, जबकि वास्तविक लाभ लोगों तक नहीं पहुंच रहा।

