Latest मेरा संपादकीय दृष्टिकोण News
संपादकीय चिंतन मंथन और विश्लेषण–हिमाचल में शिक्षा के स्वास्थ्य प्रहरी की अनदेखी: 25 वर्षों से उपेक्षित शारीरिक शिक्षा अध्यापक, खेल संस्कृति और सरकारी विद्यालयों के पुनर्जागरण की आवश्यकता पर गहन चिंतन”
पिछले कई दशकों में भाजपा या कांग्रेस किसी भी सरकार ने फिजिकल…
संपादकीय मंथन , चिंतन और विश्लेषण:“नई कांप्लेक्स प्रणाली से शिक्षा में सुधार की उम्मीद, शिक्षक असंतोष और स्टाफ कमी पर चिंता — संवाद और संतुलन जरूरी”
🖋 लेखक का दृष्टिकोण:“शिक्षा सुधार कोई यांत्रिक प्रक्रिया नहीं, यह संवेदना और…
संपादकीय चिंतन मंथन और विश्लेषण : अगर सचिवालय का यह नियम पूरे हिमाचल में लागू हुआ — तो सचमुच बदल जाएगी प्रदेश की दिशा और दशा
हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने हाल ही में प्रशासनिक…
संपादकीय चिंतन, मंथन और विश्लेषण:-जनस्वास्थ्य की रक्षा में हिमाचल की सतर्कता — दवा नियंत्रण प्रणाली को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता
जनता का स्वास्थ्य सर्वोपरि है — और यही किसी उत्तरदायी शासन की…
संपादकीय चिंतन और मंथन और विश्लेषण“हिमाचल की शिक्षा में 2022–2025: सुधारों की नई इबारत –विवाद भी पीछा नहीं छोड रहे हैं।
🔹 क्लस्टर प्रणाली क्या है सरकार ने 2023–24 से सरकारी स्कूलों में…
जवाली में राजकीय शिक्षक संघ ने भरी हुंकार, 5 अक्तूबर को नई कॉम्प्लेक्स प्रणाली के खिलाफ रोष रैली
हेडलाइन्स 👉स्कूल कॉम्प्लेक्स सिस्टम का विरोध तेज, शिक्षक संघ जवाली इकाई 5…
संपादकीय चिंतन, मंथन और विश्लेषण “हिमाचल में दो माह का आकाशीय तांडव: अवैध खनन, अनियोजित निर्माण और नीतिगत लापरवाही से उपजाऊ भूमि नष्ट, चेतावनी है—प्रकृति को चुनौती अब आत्मविनाश में बदल रही”
{1} हिमाचल में प्राकृतिक का तांडव : प्रकृति का प्रकोप या हमारी…
दशहरा : धर्म, मर्यादा और विजय का पर्व
मानव जन्म अत्यंत दुर्लभ है और बार-बार प्राप्त नहीं होता। यह ईश्वर…
संपादकीय चिंतन और मंथन👉”जातिगत भेदभाव और हिमाचल की आत्मा पर वज्रपात “इसका हिमाचल की छवि पर गहरा असर।
सारगर्भित है कि धर्म के स्तर पर जाति-पांति का कोई औचित्य नहीं…
देवी दुर्गा ने महिषासुर के साथ नौ दिनों तक युद्ध कर दसवें दिन विजय प्राप्त की
भारत त्योहारों का देश है। यहाँ हर पर्व के पीछे कोई न…

