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सुक्खू सरकार का सख्त फैसला: हिमाचल में सरकारी कर्मचारियों पर जींस-टीशर्ट बैन, अब केवल औपचारिक ड्रेस अनिवार्य

RamParkash Vats
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शिमला, ब्यूरो रिपोर्ट विजय समयाल
हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुक्खू सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड को लेकर सख्त रुख अपनाया है। राज्य सचिवालय सहित सभी सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों को अब जींस, टी-शर्ट और अन्य गैर-औपचारिक कपड़े पहनकर आने पर रोक लगा दी गई है। आदेश के तहत सभी कर्मचारियों को साफ-सुथरे, मर्यादित और औपचारिक (फॉर्मल) कपड़ों में ही कार्यालय में उपस्थित होना अनिवार्य किया गया है।

सरकार की ओर से जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि कार्यालयीन वातावरण की गरिमा, अनुशासन और पेशेवर छवि बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है। लंबे समय से यह देखा जा रहा था कि कई कर्मचारी कैजुअल कपड़ों में दफ्तर पहुंच रहे थे, जो सरकारी कार्यप्रणाली की गंभीरता के अनुरूप नहीं माना गया

क्या पहन सकते हैं कर्मचारी?

जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार—
पुरुष कर्मचारी शर्ट-पैंट, ट्राउजर, कॉलर वाली शर्ट और औपचारिक जूते पहन सकते हैं।
महिला कर्मचारी साड़ी, सलवार-कमीज, सूट या अन्य शालीन एवं औपचारिक परिधान पहन सकती हैं।
कपड़े साफ, सादे रंगों के और पेशेवर होने चाहिए।


किन कपड़ों पर पूरी तरह रोक?

जींस और टी-शर्ट
चटक रंग या भड़काऊ कपड़े
अत्यधिक फैशनेबल या कैजुअल पहनावा
भारी और अनौपचारिक एक्सेसरीज़

नियम तोड़ने पर कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी ड्रेस कोड का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। यह नियम राज्य सचिवालय से लेकर अन्य सभी सरकारी कार्यालयों पर समान रूप से लागू होगा।

पहले भी जारी हो चुके हैं निर्देश
गौरतलब है कि इससे पहले भी हिमाचल सरकार और उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद ड्रेस कोड लागू करने की बात सामने आ चुकी है, लेकिन इसका सख्ती से पालन नहीं हो पा रहा था। अब सरकार ने इसे कड़ाई से लागू करने का निर्णय लिया है।
उद्देश्य क्या है?
सरकार का मानना है कि कर्मचारियों का पहनावा उनकी कार्यशैली, अनुशासन और प्रशासन की छवि को दर्शाता है। इसलिए एक समान, गरिमापूर्ण और पेशेवर ड्रेस कोड लागू कर प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है।
सुक्खू सरकार का यह फैसला सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और पेशेवर संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब कर्मचारियों को अपने पहनावे में भी सरकारी मर्यादा का विशेष ध्यान रखना होगा।

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