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हिमाचल में आधारभूत ढांचे को नई रफ्तार—शहरी परियोजनाओं व सड़कों पर करोड़ों का निवेश

RamParkash Vats
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लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह

शिमला, 17 मार्च 2026, चीफ ब्यूरो विजय समयाल
हिमाचल प्रदेश में विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने लोक निर्माण और शहरी विकास क्षेत्रों में व्यापक निवेश की रूपरेखा तैयार की है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने स्पष्ट किया है कि सरकार का फोकस सड़कों, आधारभूत संरचना और शहरी सुविधाओं को सुदृढ़ कर प्रदेश के समग्र विकास को गति देना है।
मंत्री के अनुसार, राज्य सरकार ने केंद्र को 600 करोड़ रुपये के प्रस्ताव भेजे हैं, जबकि विशेष सहायता योजना 2025-26 के तहत 366 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है। इन परियोजनाओं के लिए आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय से स्वीकृति प्राप्त होना राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इससे प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार होगा और आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।
प्रमुख परियोजनाओं में शिमला की सब्जी मंडी का 140 करोड़ रुपये से पुनर्विकास शामिल है, जहां आधुनिक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मल्टीलेवल पार्किंग, नगर निगम कार्यालय, होटल और फूड कोर्ट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। वहीं हमीरपुर में पुराने एचआरटीसी बस स्टैंड को 80 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सिटी सेंटर में बदला जाएगा। इसके अलावा धर्मशाला नगर निगम के लिए 20 करोड़ रुपये की नेबरहुड इम्प्रूवमेंट योजना भी स्वीकृत हुई है।
राजनीतिक दृष्टि से देखा जाए तो यह निवेश न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि राज्य सरकार की विकास प्राथमिकताओं और केंद्र के साथ समन्वय को भी दर्शाता है। हाल ही में मंत्री ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर राज्य के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं।
ग्रामीण विकास के मोर्चे पर भी सरकार सक्रिय है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग 1500 किलोमीटर सड़कों का निर्माण 2300 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 15 अप्रैल से कार्य शुरू होने की संभावना है।
हालांकि, मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भूमि उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। उन्होंने प्रदेशवासियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि बजट की कोई कमी नहीं है, लेकिन परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए भूमि उपलब्ध कराना आवश्यक है। साथ ही निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता न करने की चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
कुल मिलाकर, यह पहल हिमाचल प्रदेश में विकास की नई इबारत लिखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो आने वाले समय में राज्य की आर्थिक और सामाजिक संरचना को सशक्त बनाएगी।

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