Reading: धारावाहिक (27)भारत के स्वतंत्र सैनानी भखरत की स्वतंत्रता की ज्योति जब धधक रही थी, तब एक किशोर हृदय भी उसी अग्नि में तपकर स्वर्ण बन रहा था। वह नाम था — खुदीराम बोस।मात्र अठारह वर्ष की आयु, पर साहस असीम।

धारावाहिक (27)भारत के स्वतंत्र सैनानी भखरत की स्वतंत्रता की ज्योति जब धधक रही थी, तब एक किशोर हृदय भी उसी अग्नि में तपकर स्वर्ण बन रहा था। वह नाम था — खुदीराम बोस।मात्र अठारह वर्ष की आयु, पर साहस असीम।

RamParkash Vats
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अठारह की आयु में अमर बलिदान: खुदीराम बोस की अद्वितीय देशभक्ति और स्वतंत्रता संग्राम में सर्वोच्च शहादत का प्रेरक अमर

भारत के स्वतंत्र सैनानीयों को कोटि कोटि नमन मुख्यकार्यालय भरमाड़(जवाली) संपादक राम प्रकाश बत्स

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