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हिमाचल में बाल-महिला कल्याण पर जोर, चाइल्ड वेलफेयर काउंसिल प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री सुक्खू से भेंट, योजनाओं पर सहयोग का आश्वासन

RamParkash Vats
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हिमाचल प्रदेश काउंसिल फॉर चाइल्ड वेलफेयर की नव-नियुक्त महासचिव श्री जेनब चंदेल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आज मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात बच्चों और महिलाओं के कल्याण से जुड़ी योजनाओं, उनकी प्रगति और भविष्य की कार्ययोजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को प्रदेश में बच्चों और महिलाओं के हित में शुरू की गई विभिन्न योजनाओं के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर यह भी कहा गया कि वर्तमान सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों में जो पहल की गई है, उससे समाज के कमजोर वर्गों को सीधा लाभ मिल रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से बाल संरक्षण, बालिका सशक्तिकरण और महिला कल्याण कार्यक्रमों की सराहना की।

सूत्रों के मुताबिक बैठक के दौरान महासचिव श्री जेनब चंदेल ने मुख्यमंत्री को काउंसिल की प्राथमिकताओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बाल कल्याण से जुड़े संस्थानों को और अधिक सशक्त बनाने, अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों के लिए आवासीय सुविधाओं को बेहतर करने तथा महिलाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों को विस्तार देने पर काउंसिल गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और सामाजिक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय से इन योजनाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार बच्चों और महिलाओं के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति इस बात पर निर्भर करती है कि वह अपने बच्चों और महिलाओं को कितनी सुरक्षित, स्वस्थ और सक्षम परिस्थितियां प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने काउंसिल द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।बैठक में यह भी चर्चा हुई कि ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों और महिलाओं तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता अभियानों को तेज किया जाए। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित विभाग काउंसिल के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन को मजबूत करें।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने यह भी सुझाव दिया कि स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बाल अधिकारों, पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों को व्यापक रूप से फैलाया जाए। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने इन सुझावों को सकारात्मक रूप से लेते हुए कहा कि सरकार सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी को बढ़ावा देगी।कुल मिलाकर, सूत्रों के अनुसार यह भेंट राज्य में बाल एवं महिला कल्याण से जुड़े प्रयासों को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है। बैठक के बाद यह संकेत भी मिले हैं कि आने वाले समय में सरकार और हिमाचल प्रदेश काउंसिल फॉर चाइल्ड वेलफेयर मिलकर कई नई पहल शुरू कर सकते हैं, जिससे समाज के सबसे संवेदनशील वर्गों को और अधिक सुरक्षा एवं अवसर मिल सकें।

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