Reading: 56वें पूर्ण राज्यत्व दिवस पर प्रागपुर से विकास का संदेश: मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने फहराया तिरंगा, किसानों-बागवानों, स्वास्थ्य, पेंशन और प्रशासनिक सशक्तिकरण की बड़ी घोषणाएं

56वें पूर्ण राज्यत्व दिवस पर प्रागपुर से विकास का संदेश: मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने फहराया तिरंगा, किसानों-बागवानों, स्वास्थ्य, पेंशन और प्रशासनिक सशक्तिकरण की बड़ी घोषणाएं

RamParkash Vats
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अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ण राज्यत्व दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि हिमाचल की संघर्षशील यात्रा, लोकतांत्रिक परंपराओं और जनआकांक्षाओं की जीत का प्रतीक है। उन्होंने हिमाचल को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने वाले नेताओं और आंदोलनकारियों को स्मरण करते हुए कहा कि उनके संघर्षों के कारण आज प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के सर्वांगीण और संतुलित विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। किसानों और बागवानों के हितों को सर्वोपरि बताते हुए उन्होंने कृषि और बागवानी आयोग के गठन की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि यह आयोग किसानों और बागवानों के अधिकारों की रक्षा करेगा, उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान सुझाएगा तथा नीतिगत निर्णयों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और कृषि-बागवानी को लाभकारी बनाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने प्रागपुर क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांगों को ध्यान में रखते हुए प्रागपुर में एसडीएम कार्यालय खोलने की घोषणा की, जिससे क्षेत्र के लोगों को प्रशासनिक सेवाएं उनके निकट उपलब्ध हो सकेंगी।

साथ ही नल्सूहा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि स्वास्थ्य सुविधाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें और ग्रामीण क्षेत्रों में इलाज के लिए भटकना न पड़े।

सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के पेंशनभोगियों के लंबित बकाया भुगतान को शीघ्र जारी करने का निर्णय भी घोषित किया। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग समाज का अमूल्य धरोहर हैं और उनके सम्मान व सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के भविष्य की दिशा तय करने वाला “समृद्ध हिमाचल विजन दस्तावेज” अब अपने अंतिम चरण में है। यह दस्तावेज आने वाले वर्षों में विकास की स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत करेगा, जिसमें रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सुदृढ़ता पर विशेष जोर होगा।

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास, सामाजिक न्याय और आर्थिक मजबूती के संतुलन को बनाए रखते हुए

हिमाचल प्रदेश को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से एकजुट होकर सरकार के प्रयासों में सहयोग देने का आह्वान किया, ताकि हिमाचल को आत्मनिर्भर, समृद्ध और खुशहाल राज्य बनाया जा सके।

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