कोच्चि(Delhi) 18/01/2026/NIAT Sanpadan Ram Parkash vats
डीआरडीओ की नौसेना भौतिक एवं समुद्र विज्ञान प्रयोगशाला (एनपीओएल) के अंतर्गत भारत का समुद्र विज्ञान अनुसंधान पोत आईएनएस सागरध्वनि को 17 जनवरी 2026 को दक्षिणी नौसेना कमान, कोच्चि से सागर मैत्री (एसएम-5) पहल के पांचवें संस्करण के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

रक्षा मामलों की संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष एवं सांसद श्री राधा मोहन सिंह ने रक्षा मामलों की संसदीय स्थायी समिति के सदस्यों, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत, दक्षिणी नौसेना कमान के चीफ ऑफ स्टाफ रियर एडमिरल उपल कुंडू, नौसेना प्रणाली एवं सामग्री के महानिदेशक डॉ. आर. वी. हारा प्रसाद और एनपीओएल के निदेशक डॉ. दुव्वुरी शेषगिरी की उपस्थिति में पोत को रवाना किया। इस अवसर पर भारतीय नौसेना और डीआरडीओ के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

सागर मैत्री भारतीय नौसेना और डीआरडीओ की एक प्रमुख संयुक्त पहल है, जो भारत सरकार के ‘महासागर’ (क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) दृष्टिकोण के अनुरूप है। इसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) के देशों के साथ सामाजिक-आर्थिक सहयोग को सुदृढ़ करना और विशेष रूप से समुद्री वैज्ञानिक अनुसंधान में सहयोग व आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।

एनपीओएल, कोच्चि के नेतृत्व में संचालित इस कार्यक्रम के अंतर्गत डीआरडीओ ने ‘मैत्री’ (समुद्री एवं संबद्ध अंतःविषयक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान पहल) नामक वैज्ञानिक घटक की शुरुआत की है, ताकि आईओआर देशों के साथ समुद्री अनुसंधान एवं विकास में दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित की जा सके।इस मिशन के तहत आईएनएस सागरध्वनि, आईएनएस किस्तना के ऐतिहासिक मार्गों का अनुसरण करेगी, जिसने 1962–65 के अंतर्राष्ट्रीय हिंद महासागर अभियान में भाग लिया था। पहल का लक्ष्य ओमान, मालदीव, श्रीलंका, थाईलैंड, मलेशिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया और म्यांमार सहित आठ आईओआर देशों के साथ सतत वैज्ञानिक सहयोग को मजबूत करना है। वर्तमान अभियान मालदीव के साथ सहयोगात्मक समुद्र विज्ञान अध्ययनों की शुरुआत का प्रतीक है।

सागर मैत्री डीआरडीओ के जलमग्न क्षेत्र जागरूकता (यूडीए) लक्ष्यों का भी केंद्रबिंदु है। अभियानों के दौरान, निर्धारित अवलोकन मार्गों पर महत्वपूर्ण समुद्रविज्ञान और ध्वनिक डेटा एकत्र किया जाएगा, जो भारतीय नौसेना की परिचालन आवश्यकताओं के लिए उपयोगी होगा।आईएनएस सागरध्वनि एक विशेष समुद्री ध्वनिक अनुसंधान पोत है, जिसे एनपीओएल ने डिजाइन किया और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) ने निर्मित किया। जुलाई 1994 में सेवा में आए इस पोत ने तीन दशकों से अधिक समय तक महासागर अवलोकन और समुद्री अनुसंधान में भारत की क्षमताओं को सशक्त बनाया है।

