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“लाइब्रेरियन वर्ग के साथ अन्याय बंद करे सरकार” — बेरोजगार लाइब्रेरि

RamParkash Vats
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ज्वाली/ 12 दिसम्बर 2025।/ डा़ नवनीत शर्मा

किशोरी लाल ने कहा कि पिछले 19 वर्षों से लाइब्रेरियन के पदों पर नियमित भर्ती नहीं हुई है। स्कूलों में कार्यरत लाइब्रेरियनों को कॉलेजों में शिफ्ट कर देने से स्कूलों की लाइब्रेरियाँ लगभग बंद होने की कगार पर पहुँच गई हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व भाजपा सरकार ने 771 पद भरने का वादा किया था, लेकिन पाँच साल का कार्यकाल पूरा होने के बावजूद एक भी पद नहीं भरा गया।

उन्होंने कांग्रेस सरकार द्वारा केवल 78 पदों को भरने की अधिसूचना को “ऊंट के मुंह में जीरा” जैसा कदम बताया। उनका कहना है कि आर एंड पी नियमों के अनुसार 50% पद बैचवाइज और 50% पद कमीशन आधार पर भरे जाने चाहिए, जबकि सरकार सीधे कमीशन आधार पर भर्ती प्रक्रिया अपना रही है, जो नियम विरुद्ध और बेरोजगारों के साथ अन्याय है।

किशोरी लाल ने खुलासा किया कि सूचना का अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त आंकड़ों के अनुसार लाइब्रेरियन के 971 पद प्रदेश में खाली पड़े हैं, फिर भी सरकार केवल 78 पद भरकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने इसे प्रशिक्षित बेरोजगार लाइब्रेरियनों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताया।
उन्होंने चिंता जताई कि लगभग 80% डिप्लोमा धारक 50 वर्ष की आयु पार कर चुके हैं, और यदि बैचवाइज भर्ती नहीं हुई तो यह वर्ग हमेशा के लिए बेरोजगार ही रह जाएगा।

उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मांग की है कि कम से कम 400 पदों को भरने की नई अधिसूचना जारी की जाए तथा पहले से घोषित 78 पदों को 50% बैचवाइज और 50% कमीशन आधार पर भरा जाए, ताकि अधिकतम संख्या में प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार मिल सके।

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